Jaisalmer Heatwave Alert | Mercury Crosses 41.4 Degrees After Hottest Night


जैसलमेर में सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को बेहाल कर रखा है। भीषण गर्मी ने जहां दिन का चैन छीना, वहीं अब रातें भी झुलसाने लगी हैं। सोमवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज हुई, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

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न्यूनतम तापमान सीजन में पहली बार उछलकर 26.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रात के पारे में इस बढ़ोतरी ने लोगों की नींद उड़ा दी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि बुधवार को दिन भर 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी गर्म हवाएं (सतही हवाएं) चल सकती हैं। मौसम केंद्र ने आगामी 48 घंटों तक गर्मी के तेवर इसी तरह तीखे रहने के संकेत दिए हैं।

मौसम केंद्र ने आगामी 48 घंटों तक गर्मी के तेवर इसी तरह तीखे रहने के संकेत दिए हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक बताया गया है, जिससे बचाव के लिए प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम केंद्र ने आगामी 48 घंटों तक गर्मी के तेवर इसी तरह तीखे रहने के संकेत दिए हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक बताया गया है, जिससे बचाव के लिए प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बाजारों में सन्नाटा, बेअसर हुए संसाधन

दोपहर होते ही लू के थपेड़ों के कारण बाजारों में अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। भीषण उमस और ताप के आगे अब पंखे व कूलर भी गर्म हवा फेंकने लगे हैं। गर्मी से बचाव के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। दिन और रात के पारे में 15 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया है।

बुधवार का पूर्वानुमान: थमेगी नहीं तपिश

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार 22 अप्रैल को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि आज दिन भर 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी गर्म हवाएं (सतही हवाएं) चल सकती हैं।

आसमान साफ रहने के कारण सौर विकिरण का प्रभाव सीधा रहेगा, जिससे दोपहर में हीटवेव (लू) जैसी स्थिति बनी रहेगी। मौसम केंद्र ने आगामी 48 घंटों तक गर्मी के तेवर इसी तरह तीखे रहने के संकेत दिए हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक बताया गया है, जिससे बचाव के लिए प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।



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