फर्जी डिग्री मार्कशीट मामले में ADJ-7 निशा श्रीवास्तव की कोर्ट ने आरोपी अजहरुद्दीन खान व जोगेंद्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी। दोनों आरोपियों के पास से फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों का नेटवर्क पूरे देश में फैला है। आरोपियों के प्रत्येक शहर में एजेंट फैले हैं, जिससे साक्ष्य नष्ट करने और जांच प्रभावित करने की आशंका है। 18 फरवरी को पुलिस ने की थी छापेमारी किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप आफ एजुकेशन के कार्यालय में छापेमारी कर नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज और अलीगढ़ के जामिया उर्दू कालेज की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट व डिग्रियां बरामद की थीं। इनमें बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, डीफार्मा, एलएलबी आदि की डिग्री के साथ ही हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट भी शामिल थीं। इनमें सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र, अश्वनी कुमार सिंह, नोएडा के विनीत को गिरफ्तार किया गया था। शैलेंद्र से पूछताछ के दौरान चमनगंज निवासी शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था। एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र और शेखू ने ADJ-7 की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। मामले की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है।
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