ई-उपार्जन में अव्यवस्था;किसानों ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम:पोर्टल डाउन, फसल रिजेक्ट, खाद की किल्लत और भ्रष्टाचार पर नाराजगी, उग्र आंदोलन की चेतावनी दी




शिवपुरी जिले में ई-उपार्जन व्यवस्था, उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्थाओं और खाद वितरण में गड़बड़ियों को लेकर किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धपुर) के बैनर तले किसानों ने बुधवार को राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। किसानों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि ई-उपार्जन प्रणाली पूरी तरह विफल साबित हो रही है। पोर्टल के बार-बार डाउन रहने से स्लॉट बुकिंग के संदेश समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं सत्यापन के नाम पर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। छोटे और बड़े किसानों के वर्गीकरण के माध्यम से उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित करने का आरोप भी लगाया गया है। गिरदावरी प्रक्रिया बनी औपचारिकता
किसानों का कहना है कि गिरदावरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जिससे जमीन की वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड में अंतर आ रहा है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को अनावश्यक आपत्तियों और कार्य में देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपार्जन केंद्रों पर भ्रष्टाचार के आरोप
उपार्जन केंद्रों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। किसानों ने बताया कि पैसों के आधार पर फसल के सैंपल पास किए जा रहे हैं, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को भी अस्वीकार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, क्यूआर टैगिंग प्रक्रिया में देरी से किसानों की परेशानी और बढ़ रही है। खाद वितरण और बिजली व्यवस्था पर भी नाराजगी
खाद वितरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए किसानों ने कहा कि ई-टोकन समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं और निर्धारित मात्रा भी पर्याप्त नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर बिजली लाइनें और बार-बार होने वाली बिजली कटौती भी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 अप्रैल 2026 तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे व्यापक और उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। निरीक्षण समितियों में प्रतिनिधित्व की मांग
ज्ञापन में उपार्जन केंद्रों की निरीक्षण समितियों में किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी की गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महासचिव मजिन्दर सिंह रंधावा, जिलाध्यक्ष हीरा सिंह निबोदा और संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बड़ेरा सहित कई अन्य किसान नेता उपस्थित थे।



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