करौली के मेडिकल कॉलेज में बमबारी की सूचना मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस, सिविल डिफेंस और अन्य विभागों ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पता चला कि यह कार्रवाई आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल थी। मंडरायल रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया। पुलिस, सिविल डिफेंस टीम, स्काउट गाइड कैडेट्स और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे। मॉक ड्रिल के दौरान दर्जनभर से अधिक ‘घायलों’ को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और आपदा प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया गया। सिविल डिफेंस टीम ने ‘घायलों’ की पहचान करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस दौरान आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) हेमराज परिडवाल ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास से विभागों के बीच तालमेल मजबूत होता है और वास्तविक स्थिति में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) प्रेमराज मीना, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता रूप सिंह गुर्जर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के केसी मीना, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश मीणा सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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