दमोह के लोको इलाके में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को रेलवे का सरकारी कर्मचारी बताकर लड़की वालों को धोखे में रखा, लेकिन ऐन मौके पर बारात न आने से उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने फर्जी दूल्हे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आगर मालवा के रहने वाले मोहनलाल केवट की पहचान दमोह की एक युवती से शादी वाले ऐप के जरिए हुई थी। युवक ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया और अपनी जाति भी छिपाकर रिश्ता तय कर लिया। 20 अप्रैल को लोको के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शादी होनी थी। कार्ड छप चुके थे, खाना तैयार था और मेहमान भी आ चुके थे। बारात का इंतजार और बढ़ता शक दूल्हा अपने दो-तीन दोस्तों के साथ 19 अप्रैल को ही दमोह पहुंच गया था, लेकिन 20 अप्रैल की रात तक जब बारात नहीं आई, तो लड़की वालों को शक हुआ। दूल्हा बार-बार बहाने बनाता रहा कि बारात रास्ते में है, बस आने ही वाली है। जब रात बीत गई और कोई नहीं आया, तब परिजनों ने सीधे कोतवाली थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी आईडी कार्ड और बदलती कहानियां पुलिस की जांच में पता चला कि युवक ने जो रेलवे का आईकार्ड दिखाया था, वह पूरी तरह फर्जी था। यही नहीं, पकड़े जाने पर युवक ने अपनी कहानी बदलते हुए दावा किया कि वह रेलवे में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सुपरवाइजर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लड़की वालों के कहने पर ही वह बारात लेकर नहीं आया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को झूठ पाया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में मोहनलाल केवट और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमे में है।
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