गुप्त वृन्दावन धाम में चल रहे 14वें पाटोत्सव के तहत तीसरे दिन बुधवार को भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान कृष्ण और बलराम मोगरे के फूलों से सुसज्जित दिव्य रथ पर सवार होकर भक्तों को आशीर्वाद देने निकले। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए रथ को विशेष रूप से सफेद मोगरे के फूलों से सजाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। रथयात्रा की शुरुआत जगतपुरा फ्लाईओवर स्थित हरे कृष्ण मार्ग से हुई। यात्रा खाटू श्याम सर्किल, राधा रानी सर्किल, अक्षय पात्र सर्किल और जीवन रेखा हॉस्पिटल होते हुए वापस गुप्त वृन्दावन धाम पहुंची, जहां महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। स्वर्ण झाड़ू से हुआ शुभारंभ रथयात्रा का शुभारंभ मार्ग के शुद्धिकरण के लिए स्वर्ण झाड़ू लगाकर किया गया, जो परंपरा और आस्था का विशेष प्रतीक माना जाता है। रथयात्रा का धार्मिक महत्व मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि रथयात्रा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु भगवान के रथ के दर्शन करता है और उसे अपने हाथों से खींचता है, उसे पुनर्जन्म से मुक्ति मिलती है। भक्तों ने पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया और भक्ति भाव से रथयात्रा में भाग लिया।
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