पश्चिमी राजस्थान में जल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीदों के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को ओसियां के मांडियाई खुर्द गांव में 416 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 41 विकास कार्यों का लोकार्पण और 70 कार्यों का शिलान्य
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इस दौरान ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने पूर्वी राजस्थान की ईआरसीपी योजना की तर्ज पर मारवाड़ के लिए पश्चिमी राजस्थान नहर परियोजना (WRCP) लागू करने की मांग दोहराई।
कार्यक्रम में सियोल ने क्षेत्र की जल जरूरतों को लेकर मुख्यमंत्री से कहा कि मारवाड़ के किसानों और आमजन को जल संकट से स्थायी राहत दिलाने के लिए WRCP का सर्वे करवाया जाना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधायक सियोल के दिवंगत माता-पिता की मूर्तियों का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
सीएम की घोषणाएं: 2 नए जीएसएस और खेल मैदान
जनभावनाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने ओसियां के लिए दो नए 33 केवी जीएसएस और उपखंड मुख्यालय पर एक खेल मैदान बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ईआरसीपी परियोजना पर शुरू हुए काम का हवाला देते हुए भरोसा दिलाया कि अन्य जल परियोजनाओं के जरिए भी प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को ओसियां के मांडियाई खुर्द गांव में 416 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी।
किसानों व युवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों को आधुनिक खेती और पशुपालन अपनाने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार योजनाओं और किसानों को दी जा रही सब्सिडी का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। साथ ही ओसियां की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन मंदिरों का जिक्र करते हुए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।
मंच पर मौजूद रहे कई दिग्गज
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल, मंत्री केके बिश्नोई, जसवंतसिंह बिश्नोई, पाली सांसद पीपी चौधरी, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, फलोदी विधायक पब्बाराम बिश्नोई, शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ और पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री शर्मा मांडियाई खुर्द से हेलिकॉप्टर के जरिए फलोदी होते हुए जयपुर के लिए प्रस्थान कर गए।