राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रहने वाले मर्चेंट नेवी में वाइस कैप्टन होर्मुज स्ट्रेट में फंस गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में भारत आ रहे जहाज को रोककर कब्जे में ले लिया। ईरान ने आरोप लगाया कि जहाज बिना इजाजत होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था। लाइबेरिया के फ्लैग वाला एपामिनोडेस नाम का यह कंटेनर शिप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आ रहा था। सद्भावना नगर निवासी वाइस कैप्टन संजय माहर (38) ने बताया- मेरे शिप पर ईरान की सेना ने फायरिंग की। इसके बाद हम सभी अंदर आ गए। जहाज में मेरे समेत कुल 21 क्रू है। संजय ने शिप के अंदर का एक वीडियो भी भेजा है। जहाज के अंदर की तस्वीरें होर्मुज पार करने के दौरान हुई फायरिंग संजय ने कहा- मैं पिछले 15 साल से मर्चेंट नेवी में काम कर रहा हूं। 20 दिन पहले घर से सऊदी अरब गया था। वहां से लाइबेरिया के फ्लैग वाली एपामिनोडेस कंटेनर शिप पर कमान संभाली। हमें गुजरात के मुंद्रा पोर्ट जाना था। मेरा कंटेनर शिप पिछले 3 से 4 दिन से होर्मुज स्ट्रेट से पहले परमिशन के इंतजार में खड़ा था। बुधवार सुबह 8 बजे जैसे ही शिप होर्मुज स्ट्रेट को पार करने लगा तो ईरान की तरफ से फायरिंग की गई। इसके बाद हम सभी लोग अंदर चले गए। क्रू में 20 लोग फिलीपींस, यूक्रेन, श्रीलंका के हैं, इंडिया से मैं अकेला हूं। समुद्री सुरक्षा को खतरे की बात बता दें कि ईरानी नौसेना के मुताबिक जहाज के नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। कार्रवाई के दौरान IRGC ने जहाज को इंटरसेप्ट कर अपने कब्जे में लिया और उसे तट की ओर ले गई। इसके अलावा इजराइल से जुड़े फ्रांसेस्का नाम के दूसरे जहाज को भी जब्त किया गया है। यूफोरिया नाम के जहाज पर हमला भी किया गया है।
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