म्यूचुअल फंड निवेश के नाम पर 26 लाख की ठगी:झुंझुनूं के दो शातिरों ने एक साल में रकम दोगुनी करने का दिया झांसा, अब फोन बंद




जोधपुर के रातानाडा थाना क्षेत्र में म्यूचुअल फंड में निवेश कर एक साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 26 लाख 38 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने तीन लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपए ऐंठ लिए। अब पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि जोधपुर के रातानाडा सुभाष चौक न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी प्रमोद जटवाल (33) पुत्र जयराम जटवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया गया कि उसकी पहचान 2022 से झुंझुनूं के बासरी निवासी गौरव शर्मा पुत्र कृष्ण कुमार शर्मा से थी। गौरव ने ही परिवादी की मुलाकात झुंझुनूं के वार्ड संख्या 37, पुजारियों का मोहल्ला निवासी ललित शर्मा पुत्र रामकांत शर्मा से करवाई थी। आरोपियों ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़ा बताकर म्यूचुअल इंडेक्स फंड में निवेश के जरिए भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। फोन पे और बैंक खातों से ट्रांसफर किए 9 लाख रुपये आरोपियों के झांसे में आकर परिवादी प्रमोद जटवाल ने 13 से 17 नवंबर 2024 और फिर 1 से 11 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 9 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में फोन पे और गूगल पे के माध्यम से भेजी गई थी। आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि एक साल के भीतर यह जमा राशि दोगुनी होकर वापस मिलेगी। दो अन्य पीड़ितों से भी ऐंठे लाखों रुपए ठगी का यह खेल केवल प्रमोद तक सीमित नहीं रहा। परिवादी के साथ ही न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी राम अवतार मेघवाल पुत्र रामनिवास ने भी आरोपियों के आश्वासन पर 16 जून से 8 नवंबर 2025 के बीच कुल 13 लाख रुपये नकद दिए। वहीं, इसी कॉलोनी के निवासी अश्विनी कुमार सैनी पुत्र जयराम सैनी ने भी आरोपियों के बताए बैंक खातों में 4 लाख 38 हजार रुपये जमा करवाए। इस प्रकार तीनों परिवादियों से कुल 26 लाख 38 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। रकम डकार कर ठिकाने बदल चुके हैं आरोपी निवेश के बाद जब 16 महीने का समय बीत गया और पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बार-बार तकाजा करने पर आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और अपने पुराने ठिकाने भी बदल दिए। पीड़ितों ने जब अपनी स्तर पर तलाश की तो पता चला कि गौरव और ललित शर्मा ने उनके अलावा अन्य कई लोगों के साथ भी इसी तरह का साइबर फ्रॉड किया है।



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