मुजफ्फरपुर में मुरौल स्थित तिरहुत नहर पुल के पास गुरुवार को गाड़ी चेकिंग के दौरान तिवारी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। हालांकि, उनका एक साथी बाइक लेकर फरार होने में सफल रहा। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी छोटू मिश्रा और विकास कुमार के रूप में हुई है। इस संबंध में सकरा थाना में कांड संख्या 240/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पीछा कर दो बदमाशों को पकड़ा एसडीपीओ पूर्वी-2 (सकरा) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान लौतन गांव की ओर से एक बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखे। पुलिस को देखते ही तीनों भागने लगे, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दो बदमाशों को पकड़ लिया। बाइक चालक फरार हो गया। प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार दोनों बदमाों ने सकरा क्षेत्र में एक किसान से हुई 50 हजार रुपये की लूट में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, तीनों अपराधी किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते एसडीपीओ मनोज सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों बदमाश तिवारी गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। इस गैंग का नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ है और यह विशेष रूप से बैंक से पैसा निकालकर लौट रहे लोगों को निशाना बनाता है। सकरा इलाके में इस गैंग के करीब एक दर्जन सदस्य सक्रिय हैं, जो लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छोटू मिश्रा का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह आर्म्स एक्ट और डकैती जैसे मामलों में जेल जा चुका है। मढ़ौरा थाना कांड संख्या 611/25 (आर्म्स एक्ट) में भी उसका नाम दर्ज है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी पुलिस ने फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एसडीपीओ ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, एसआई अमित कुमार, एसआई शैलेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
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