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विदिशा में गुरुवार को भगवान चित्रगुप्त जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कायस्थ समाज द्वारा बालाजी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा बालाजी मंदिर से शुरू होकर बजरिया, बड़ा बाजार, तिलक चौक और निकासा मार्ग से होते हुए कांच मंदिर पहुंची। यहां पूजन के बाद श्रद्धालु शेरपुरा स्थित चित्रगुप्त मंदिर पहुंचे, जहां महाआरती और धर्मसभा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में बैंड-बाजे, ढोल और डीजे की धुन पर समाजजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रथ पर भगवान चित्रगुप्त की आकर्षक प्रतिमा विराजमान थी, जिसका मार्ग में श्रद्धालुओं ने तिलक कर पूजन किया। महिलाएं लाल साड़ी और पुरुष पीले कुर्ते में पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। महापुरुषों के कटआउट भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहे। डेढ़ किलोमीटर की यात्रा में 2 घंटे लगे
बालाजी मंदिर से माधवगंज तक लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करने में शोभायात्रा को करीब 2 घंटे का समय लगा। मार्ग में लगभग 12 स्थानों पर समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पूरे रास्ते ‘भगवान चित्रगुप्त जी की जय’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कायस्थ समाज के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव और पूर्व अध्यक्ष शरद श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष देवउठनी ग्यारस के अवसर पर चित्रांश सामूहिक विवाह सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। देखें तस्वीरें
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