भीलवाड़ा सांसद को फोन कर ठगी की कोशिश:मंत्रिमंडल विस्तार के नाम पर मांगी विधायकों की जानकारी, दिल्ली से आरोपी को पकड़ा




भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को 15 मार्च को फर्जी कॉल कर खुद को गृह सचिव बताने वाले आरोपी को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी ने मंत्रिमंडल विस्तार के नाम पर विधायकों के मोबाइल नंबर मांगे और कई बार कॉल किए। शक होने पर सांसद ने गृह सचिव कार्यालय से पुष्टि की, जहां से कॉल फर्जी निकला। इसके बाद कोतवाली थाने में विधायकों से मंत्रिमंडल में जगह दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी के प्रयास के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। आरोपी और उसके भाई के खिलाफ दिल्ली, महाराष्ट्र और मणिपुर में पहले भी ठगी के मामले दर्ज हैं। फर्जी पहचान बनाकर मांगी राजनीतिक जानकारी सांसद के व्हाट्सएप नंबर पर आए कॉल में पहले व्यक्ति ने खुद को गृह सचिव का निजी सचिव बताया। इसके बाद कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जिसने खुद को गृह सचिव बताया। 15 मार्च शाम से लेकर 16 मार्च सुबह तक 5-6 बार कॉल आए। कॉल करने वाले ने पहले केन्द्र सरकार की योजनाओं और उनकी क्रियान्विति को लेकर घुमा-फिराकर बातें की। इसके बाद पूछा कि राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला है। इसके लिए गृह मंत्री विधायकों की जानकारी और फीडबैक लेना चाहते हैं। आप सभी विधायकों के नंबर देने के साथ ही उन्हें मुझसे कॉल करने को कहें और मोबाइल नंबर मांगे। बातचीत के तरीके पर डाउट हुआ इस दौरान बात करने का तरीका संदिग्ध लगा, जो कि गृह सचिव स्तर के अधिकारी का नहीं होता। साथ ही विधायकों को कॉल करवाने की बात कहने पर कुछ समय पहले विधानसभा उप चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर हुई लाखों की ठगी याद आते ही संदेह हुआ। केन्द्रीय गृह मंत्रालय में संपर्क किया गया। विधायकों के नंबर या अन्य कोई गोपनीय जानकारी शेयर नहीं की गई। वहां से साफ हुआ कि इस तरह का कोई कॉल नहीं किया गया और न ही कोई गोविंद मोहन या दीपक शर्मा नाम के अधिकारी हैं। इस पर सांसद ने भीलवाड़ा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई। दिल्ली से आरोपी को गिरफ्तार किया शहर कोतवाल शिवराज गुर्जर ने बताया कि एएसआई मदनलाल खटीक की टीम ने दिल्ली से आरोपी सपेरा बस्ती घरौली थाना गाजीपुर दिल्ली गौरवनाथ पुत्र बहादुरसिंह नाथ सपेरा को गिरफ्तार कर लिया। उसे तीन दिन पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। अमीरों जैसी लाईफ स्टाईल से कर्ज में डूबा पूछताछ में सामने आया की आरोपी गौरवनाथ सिंह शारदा विश्वविद्यालय से एलएलबी कर रहा था। उसकी लाइफ स्टाइल अमीरों जैसी थी, जिसके कारण कर्जे में डूबा रहता था। इससे निकलने के लिए पहले भी आरोपी गौरव ने अपने साथियों तुषार और विशेष के साथ मिलकर बेंगलुरु के एक भाजपा नेता को धोखा दिया था। उनसे 40 लाख रुपए ठग लिए थे। आरोपी गौरव को राजनीतिक नेता का रूप धारण करने का विचार अपने दोस्त विशेष से आया, ताकि आसानी से पैसा कमा सके। दिल्ली नासिक सहित कई जगह मामले दर्ज जिस व्हाट्सएप नंबर 9560280175 को काम में लिया गया। वह फोन चोरी का है। गौरव ने यह डिवाइस और सिम किसी अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। इंटरनेट के लिए हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करता था।गौरव के खिलाफ दिल्ली सहित नासिक सिटी साइबर थाने और मणिपुर के इंफाल में मामले दर्ज हैं। उसके भाई प्रवीण सिंह के खिलाफ भी दिल्ली सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाने में मामला दर्ज है।



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