जालंधर के मेयर वनीत धीर आज, सोमवार को नगर निगम की हाउस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 569.40 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट पेश करने जा रहे हैं। इस बजट का मुख्य केंद्र बिंदु शहर का बुनियादी ढांचा और विकास कार्य हैं, जिसके लिए 200 करोड़ रुपए की राशि विशेष रूप से आरक्षित की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है, जो शहर की बढ़ती जरूरतों और नगर निगम की बेहतर आय वसूली को दर्शाती है। मेयर ने स्पष्ट किया है कि इस बार प्राथमिकता विकास कार्यों में तेजी लाने और प्रशासनिक खर्चों को संतुलित रखने की है। मेयर वनीत धीर द्वारा पेश किए जाने वाले 569.40 करोड़ रुपए के इस प्रस्तावित बजट में खर्चों का विभाजन बहुत ही व्यवस्थित तरीके से किया गया है। बजट के कुल हिस्से में से 312.70 करोड़ रुपए विभिन्न विभागों के सुचारू संचालन और उनके प्रशासनिक कार्यों पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 55.56 करोड़ रुपए अन्य विविध खर्चों के लिए रखे गए हैं। मेयर वनीत धीर ने पिछले साल के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए बताया कि साल 2025-26 का बजट 495.86 करोड़ रुपए था। निगम के बेहतर प्रबंधन के चलते इसमें 474.54 करोड़ रुपए की आमदनी और प्राप्तियां दर्ज की गईं। इसी वित्तीय मजबूती को आधार बनाकर इस वर्ष बजट का आकार बढ़ाया गया है। मेयर ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने आय के लक्ष्यों को प्राप्त किया है, वह सराहनीय है और इसी का परिणाम है कि आज हम शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं देने की स्थिति में हैं। विकास कार्यों पर विशेष जोर इस बजट की सबसे बड़ी खासियत विकास कार्यों के लिए आवंटित 200 करोड़ रुपए की राशि है। मेयर के अनुसार, शहर की सड़कों, स्ट्रीट लाइट्स, पार्कों और सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में जालंधर में विकास कार्यों की गति कई गुना बढ़ जाएगी। जालंधर की जनता के लिए यह बजट उम्मीदों भरा है, क्योंकि इसमें न केवल मौजूदा ढांचों के रखरखाव पर ध्यान दिया गया है, बल्कि नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने की भी पूरी तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य शहर की आय को और अधिक बढ़ाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन प्रदान करना है।
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