ईडीको पर्ल एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PACL) घोटाले में एक बड़ी सफलता मिली है। PMLA स्पेशल कोर्ट ने 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस आर.एम. लोढ़ा कमेटी को सौंपने का आदेश दिया है। इन प्रॉपर्टीज मार्केट वेल्यू 15,582 करोड़ रुपये है।
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ईडी की इस कार्रवाई से निवेशकों के पैसे मिलने का रास्ता साफ होने लगा है। ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में PACL मामले में कुल 27,030 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। इनमें भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी क मुताबिक PMLA स्पेशल कोर्ट ने यह आदेश 30 मार्च को जारी किया है। लोढ़ा कमेटी की देख-रेख में इन प्रॉपर्टीज को बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाए जाएंगे। जैसे जैसे कोर्ट प्रॉपर्टीज कमेटी को सौंपेगा वैसे वैसे उन्हें बेचकर निवेशकों को पैसे दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि पर्ल्स ग्रुप ने 1990 के अंत से 2014 तक देशभर में अवैध पौंजी स्कीम चलाई। कंपनी ने कृषि भूमि खरीदने और विकसित करने के नाम पर लाखों लोगों से पैसा जमा करवाए। उन्हें कहा गया कि उन्हें बाद में नकद पेमेंट या किस्तों में प्लाट दिए जाएंगे।
पर्ल्स ग्रुप ने ज्यादातर मामलों में न तो भूमि दी और न ही पैसा लौटाया। फर्जी एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्ट्रेशन लेटर जारी किए गए। कंपनी ने लोगों के साथ 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। इस घोटाले को स्व. निर्मल सिंह भंगू और उनके परिवार ने अंजाम दिया।
ईडी दफ्तर।
ईडी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिए गए अहम तथ्य, जानिए…
- 2014 CBI ने केस दर्ज किया: सीबीआई ने 2014 में इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर्स पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया। यह एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाने आदेश दिए: फरवरी 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को जस्टिस आर.एम. लोढ़ा (पूर्व CJI) की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का आदेश दिया। कमेटी को अधिकार दिया कि वे PACL(पर्ल्स ग्रुप) की सभी संपत्तियां बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाएं। ईडी ने दर्ज की ECIR: 26 जुलाई 2016 में ED ने PMLA के तहत इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की। जांच में पता चला ठगी से हासिल की गई आय को भंगू परिवार और सहयोगियों ने विभिन्न कंपनियों, रिश्तेदारों और प्रॉक्सी के नाम पर संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया।2018 में चार्जशीट पेश की: ईडी ने इस मामले की जांच करते हुए 10 सितंबर 2018 में स्पेशल कोर्ट (PMLA) में पहली चार्जशीट दायर की। 2022, 2025 और 2026 में चार सप्लीमेंट्री प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट दायरकी गई। फरवरी 2026 में ईडी ने 247 संपत्तियां (10,021 करोड़), 20 मार्च 2026 को 126 संपत्तियां (5,046.91 करोड़) अटैच की। अब 30 मार्च को ईडी ने 455 संपत्तियां (15,582 करोड़) लोढ़ा कमेटी को सौंप दी हैं।
- 455 संपत्तियों की बहाली: स्पेशल PMLA कोर्ट ने ईडी को इन संपत्तियों को जस्टिस लोढ़ा कमेटी को सौंपने का आदेश दिया। यह लाखों निवेशकों के लिए बड़ी राहत है।
- कुल अटैचमेंट: 27,030 करोड़ रुपये की संपत्तियां (भारत + ऑस्ट्रेलिया)। इनमें PACL लिमिटेड, PGF लिमिटेड, भंगू परिवार (बरिंदर कौर, सुखविंदर कौर, हरसिंदर पाल सिंह हेयर, गुरप्रताप सिंह, प्रेम कौर) आदि के नाम की संपत्तियां शामिल हैं।
- प्रॉपर्टी बेचकर रिफंड करेगी कमेटी: PACL घोटाला देश के सबसे बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड में शामिल है। लाखों आम लोगों की मेहनत की कमाई लुट गई। जस्टिस लोढ़ा कमेटी अब इन अटैच संपत्तियों को बेचकर रिफंड प्रोसेस तेज करेगी।
- लोढ़ा कमेटी की वेबसाइट पर क्लेम दर्ज करें: 30 मार्च 2026 का दिन PACL घोटाले के लाखों पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। ED ने निवेशकों से अपील की है कि वे लोढ़ा कमेटी की वेबसाइट या SEBI पोर्टल पर अपना क्लेम दर्ज कराएं। समय पर क्लेम करने से रिफंड मिलने की संभावना बढ़ेगी।
पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी। फाइल फोटो
PACL घोटाले में भंगू परिवार के इन सदस्यों की ये भूमिका
1. हरसिंदर पाल सिंह हेयर, लेट निर्मल सिंह भंगू के दामाद (बरिंदर कौर के पति)। गिरफ्तार हुए और बाद में जमानत मिली। मुख्य आरोपी हैं और PACL की कई कंपनियों (खासकर ऑस्ट्रेलिया वाली) के डायरेक्टर रह चुके हैं।
2. बरिंदर कौर, निर्मल सिंह भंगू की बेटी। गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी हुई है।
3. प्रेम कौर: निर्मल सिंह भंगू की पत्नी। गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ ओपन-एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए हैं।वह अभी फरार या वारंट के कारण जांच से बच रही हैं।
4. सुखविंदर कौर, निर्मल सिंह भंगू की दूसरी बेटी है। अभी गिरफ्तार नहीं हुई है। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उनके खिलाफ फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) की कार्रवाई चल रही है।
5. गुरप्रताप सिंह, निर्लम सिंह भंगू के दामाद (सुखविंदर कौर के पति)। अभी गिरफ्तार नहीं हुई। ED ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उनके खिलाफ भी फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) कार्रवाई चल रही है।