राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में अवैध कॉलोनियों को लेकर विवाद सामने आने लगे हैं। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे थाना परिसर के पीछे स्थित महल सिटी कॉलोनी में प्लॉट लेने वाले लोगों ने कॉलोनाइजर के खिलाफ तहसीलदार को आवेदन देकर कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं नहीं देने का आरोप लगाया। कॉलोनीवासियों ने मामले की जांच कर कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने और कॉलोनी में नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। कॉलोनीवासियों ने आवेदन में बताया कि प्लॉट बेचते समय कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी में 20 फीट चौड़ी सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्थित सुविधा देने का भरोसा दिलाया गया था। इसी भरोसे पर लोगों ने प्लॉट खरीदे, लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी इन सुविधाओं को लेकर महक सिटी कालोनी में कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में आज तक न तो पूरी तरीके से सड़क का निर्माण कराया गया है और न ही पानी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई। इसके कारण यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। रजिस्ट्री में 20 फीट सड़क, मौके पर कर दी 15 फीट
कॉलोनीवासियों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि प्लॉट की रजिस्ट्री में सड़क की चौड़ाई 20 फीट दर्शाई गई है, लेकिन मौके पर कॉलोनाइजर द्वारा सड़क को घटाकर करीब 15 फीट कर दिया गया है। इससे कॉलोनी में आवागमन को लेकर समस्या खड़ी हो गई है और भविष्य में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। 25 फीट का शासकीय रास्ता बेचने का आरोप
रहवासियों का यह भी आरोप है कि कॉलोनी के पास स्थित करीब 25 फीट चौड़ा शासकीय रास्ता भी कॉलोनाइजर द्वारा अवैध रूप से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। इससे कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने तहसीलदार से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शहर से गांव तक फैल रहा अवैध कॉलोनियों का जाल
इधर खिलचीपुर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। शहर के आसपास ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में काटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। बिना वैध अनुमति के प्लॉटिंग कर जमीन बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सस्ते प्लॉट का लालच देकर बेची जा रही जमीन
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनाइजर सस्ते दाम और भविष्य में सुविधाएं देने का भरोसा देकर लोगों को प्लॉट बेच देते हैं। कई लोग अपनी जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लॉटिंग
जानकारों के अनुसार किसी भी कॉलोनी को विकसित करने से पहले भूमि का डायवर्शन, कॉलोनी का स्वीकृत नक्शा, सड़क की चौड़ाई और जल निकासी जैसी व्यवस्थाओं की अनुमति लेना जरूरी होता है। लेकिन खिलचीपुर नगर में अधिकांश जगह इन नियमों की अनदेखी कर सीधे प्लॉट बेच दिए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की बात तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सख्ती नजर नहीं आती। इसी कारण कॉलोनाइजर बेखौफ होकर नए-नए क्षेत्रों में कॉलोनियां काट रहे हैं।
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