उदयपुर के मांडवा इलाके में एक सरकारी टीचर को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने शराब के साथ रंगे हाथों धर दबोचा। दरअसल, महावीर जयंती के मौके पर जिले में ड्राई डे घोषित था, यानी शराब की सभी दुकानें सरकारी तौर पर बंद थीं। इसी बंदी का फायदा उठाने के लिए टीचर ने पहले से ही शराब और बीयर का बड़ा स्टॉक जमा कर लिया था। वे इसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था, लेकिन उनकी यह प्लानिंग उन पर ही भारी पड़ गई। यह पूरी कार्रवाई मांडवा थाना क्षेत्र के बिकरणी कस्बे में हुई। गोगुंदा आबकारी विभाग की टीम को मुखबिर से पक्की खबर मिली थी कि देवला-बेकरिया क्षेत्र की शराब दुकानों के पास कुछ लोग अवैध रूप से शराब का भंडारण कर रहे हैं और ड्राई डे पर इसे खपाने की तैयारी में हैं। खबर मिलते ही आबकारी विभाग की टीम अलर्ट हो गई और घेराबंदी शुरू कर दी। टीम ने सुलाव-कागवास रोड स्थित बिकरणी तिराहे पर अचानक रेड मारी। वहां टीम ने देखा कि शराब की खेप के साथ एक शख्स मौजूद है। जब उसे पकड़ा गया और पूछताछ की गई, तो सच जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए। पकड़ा गया आरोपी अजित कुमार है, जो मांडवा के छापर का रहने वाला है। ताज्जुब की बात यह है कि अजित कुमार पेशे से एक सरकारी टीचर है। फिलहाल वो राजकीय प्राथमिक विद्यालय छापर में पोस्टेड है। ड्राई डे पर अवैध शराब बेचते हुए पकड़े जाने के बाद मौके से भारी मात्रा में बीयर और शराब बरामद कर उसे जब्त की। आबकारी विभाग ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है कि वह यह शराब कहां से लाया था। सरकारी टीचर के इस तरह अवैध काम में पकड़े जाने के बाद अब पूरे शिक्षा महकमे में भी इसकी चर्चा हो रही है। इनपुट – गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
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