जालंधर सिविल अस्पताल में युवती का ब्लाउज फाड़ा:दो पक्ष आपस में भिड़े, बचाव कराने आए माता-पिता को पीटा, छेड़छाड़ को लेकर हुआ विवाद




जालंधर सिटी के संतोषी नगर मोहल्ले में रह रहे मद्रासी समुदाय और स्थानीय निवासी आपस में भिड़ गए। दोनों गुट जब सिविल अस्पताल में मेडिकल कटवाने पहुंचे तो यहां भी आपस में भिड़ गए। करीब 10 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच हंगामा चला। एक गुट की युवती ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के ही रहने वाले सुधीर ने पहले रात 8 बजे के करीब उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने आरोपी को रोका और छेड़छाड़ का विरोध किया। इस दौरान उसका पिता भी आ गए। इससे आरोपी ने पिता पर हमला कर दिया। पीड़ित युवती ने बताया कि, रात पौने 8 बजे के करीब वह सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंचे तो यहां पर पहले से दूसरा गुट मौजूद था। हमें देखकर वह गालियां देने लगे। युवती ने बताया कि जब उसका विरोध किया तो आरोपी युवक ने उसके ब्लाउज पर हाथ डाला और पूरा ब्लाउज फाड़ डाला। उसकी मां ने बचाव की कोशिश की तो उसके हाथ पर किसी चीज से प्रहार किया जिससे हाथ में चोट आई है। आरोप है कि, अस्पताल परिसर के भीतर ही हमलावर पक्ष ने पीड़ित युवतियों और उनके परिवार पर दोबारा हमला कर दिया। इस दौरान न केवल युवतियों के साथ मारपीट की गई, बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ितों ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस पर भी मदद न करने और उल्टा उन्हें ही प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छेड़खानी से शुरू हुआ पूरा मामला पीड़िता ने बताया कि विवाद की शुरुआत संतोषी नगर से हुई। इलाके का ही सुधीर नाम का एक लड़का पिछले काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। सुबह जब उसने इस छेड़खानी का विरोध किया और आरोपी से बात करने की कोशिश की, तो मामला बढ़ गया। बीच-बचाव करने आए युवती के पिता के साथ भी आरोपी ने मारपीट शुरू कर दी। युवती का आरोप है कि जब वह अपने पिता को बचाने गई, तो आरोपी ने उसके साथ बदतमीजी की और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद आरोपी पक्ष के अन्य लोग भी वहां इकट्ठा हो गए और पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। अस्पताल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था फेल मारपीट के बाद पीड़ित परिवार कानूनी कार्रवाई और उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा। पीड़ित युवती और उसकी फ्रेंड के अनुसार, हमलावर पक्ष पहले से ही वहां मौजूद था। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पास बाहर दोबारा हंगामा शुरू हो गया। पीड़ितों का आरोप है कि वहां एक महिला (आंटी) ने भी उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों पर गंभीर आरोप पीड़ित पक्ष का सबसे बड़ा आरोप प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। पीड़िता और उसकी सहेली ने बताया कि जब अस्पताल में उन पर हमला हो रहा था, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचाने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़ितों के अनुसार, पुलिसकर्मी भी हमलावर पक्ष का साथ दे रहे थे। पीडि़ता की सहेली ने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने उन्हें ही डंडे मारे और दूसरे थाने जाने को कहकर वहां से भगा दिया। पीड़ितों का दावा है कि दूसरी पार्टी ने पैसे के दम पर मिलीभगत कर ली है, जिस कारण उनकी एमएलआर तक नहीं काटी जा रही। एसआई बोला-सिविल ने कोई झगड़ा नहीं हुआ है थाना डिविजन 4 से पहुंचे एसआई सुखवंत सिंह ने कहा कि उनको डॉक्टर का फोन आया था कि दो पार्टियां एमएलआर कटवाने के लिए आई हैं। इनमें बहसबाजी हो रही है। सिविल अस्पताल में लड़ाई का माहौल है। डॉक्टरों की सूचना पर वह यहां पहुंचे हैं। उनके सामने सिविल अस्पताल में कोई झगड़ा नहीं हुआ है।



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