जयपुर में हेड-कॉन्स्टेबल ने धमकी दे मांगी 5 लाख रिश्वत:FIR में से व्यापारी का नाम हटाने के बदले डिमांड; एडवोकेट ने 25 हजार में करवाई डील




भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से जयपुर के एक पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल व एडवोकेट के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज किया गया। हेड कॉन्स्टेबल ने 5 लाख रुपए घूस मांगी थी। वहीं एडवोकेट ने 25 हजार रुपए में डील तय करवाई थी। मामला एक व्यापारी, उसके भाई और व्यापारी के ट्रक ड्राइवर के खिलाफ दर्ज FIR में से नाम हटाने का है। एफआईआर में से नाम हटाने के बाद चार्जशीट पेश करवाने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। एसीबी में दर्ज FIR के अनुसार- हरियाणा के चरखी दादरी निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया- स्क्रैप लेकर उन्होंने एक ट्रक पूना से फरीदाबाद के लिए भेजा था। 28 अगस्त 2025 को विधायकपुरी थाना पुलिस ने ड्राइवर के शराब पीने के कारण ट्रक जब्त कर लिया। 5-6 दिन बाद भी ट्रक फरीदाबाद नहीं पहुंचा। जीपीएस लोकेशन चेक करने पर ट्रक जयपुर के विधायकपुरी थाने से करीब 700 मीटर दूर खड़ा होने का पता चला। दूसरे ड्राइवर को लेकर जयपुर पहुंचे व्यवसायी ने ट्रक में भरा माल को लेकर रवाना कर दिया। पुलिसकर्मी ने कॉल कर व्यापारी को धमकाया विधायकपुरी थाने से पुलिसकर्मी ने व्यवसायी को ट्रक के जब्त करने के बारे में बताया। जब्त ट्रक को बिना सूचना दिए ले जाने को लेकर धमकी भी दी। व्यवसायी ने कहा कि इस बारे में उसे पता नहीं था। उसे लगा ड्राइवर शराब के नशे में ट्रक छोड़ कर गया है। व्यवसायी और ड्राइवर को किया अरेस्ट विधायकपुरी थाना पुलिस ने व्यवसायी, उसके भाई और ड्राइवर के खिलाफ जब्त ट्रक ले जाने की FIR दर्ज कर ली। 15 सितंबर 2025 को व्यवसायी और ड्राइवर ट्रक लेकर विधायकपुरी थाने पहुंचे। ट्रक लेकर पहुंचने पर पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया। दो दिन बाद दोनों को जमानत मिल गई। कोर्ट से ट्रक भी छुड़वा लिया गया। वहीं FIR में व्यवसायी के भाई को भी आरोपी बनाने पर अरेस्ट करने की धमकी दी गई। रिश्वत में मांगे 5 लाख रुपए मामले को खत्म कर FIR में से नाम हटाने की एवज में जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल राजकरण ने 5 लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड की। व्यवसायी और उनके ड्राइवर की जमानत करवाने वाले एडवोकेट सनातन सोनी बीच के माध्यम से डील करवाने लगा। एडवोकेट ने कहा- काम पूरा हो जाएगा, बस रकम दे दें। शुरुआती मांग 5 लाख रुपए थी। इतनी बड़ी रकम देने से मना करने पर रकम घटकर 1 लाख हुई। इसके बाद एक लाख रुपए देने का दबाव बनाए जाने लगा। 25 हजार पर तय हुई डील रिश्वत की रकम ज्यादा होने के चलते परिवादी व्यवसायी ने साफ मना कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल राजकरण और एडवोकेट सनातन ने 30 हजार रुपए पर डील तय की। एडवोकेट सनातन के पास रिश्वत की रकम देकर भेजी गई। हेड कॉन्स्टेबल राजकरण से मोबाइल पर बात कराने पर 25 हजार रुपए देना तय हुआ। रुपए देने पर FIR में उसके भाई का नाम हटाकर चार्जशीट पेश करने की बात कही गई। एसीबी जांच में हेड कॉन्स्टेबल राजकरण व एडवोकेट सनातन के रिश्वत की डिमांड करने का सत्यापन हुआ। एसीबी की ओर से बुधवार को हेड कॉन्स्टेबल राजकरण (54) निवासी महेन्द्रगढ़ हरियाणा (विधायकपुरी थाने में हेड कॉन्स्टेबल) और सनातन सोनी (45) निवासी श्रीमाधोपुर सीकर (एडवोकेट) के खिलाफ FIR दर्ज की गई।



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