हनुमानगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, बारिश से फसल को खतरा:मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीगने का डर, तापमान में आई गिरावट




हनुमानगढ़ में शुक्रवार सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण जिले के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही मौसम बना हुआ है। गुरुवार को भी कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई और दिनभर बादल छाए रहे। बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में भी हल्की ठंडक महसूस हो रही है। 2 दिन बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 3 और 4 अप्रैल को बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 अप्रैल के बीच एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा और बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। पूरे सप्ताह मौसम अस्थिर रहने की उम्मीद है। मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। वर्तमान में जिले में गेहूं की कटाई जारी है और मंडियों में गेहूं व सरसों की ढेरियां लग रही हैं। यदि इस दौरान बारिश होती है, तो मंडियों में खुले में पड़ी कृषि उपज भीग सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी और किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों की परेशानी बढ़ी
मंडी यार्ड में पड़ी कृषि जिंसों और लगातार बदलते मौसम के कारण व्यापारियों और किसानों दोनों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसान कटाई के बाद फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें और उसे खुले में ज्यादा समय तक नहीं छोड़ें। रबी सीजन के अंतिम दौर में बदलते मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।



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