नीमच जिले के कुछड़ोद गांव के सूक्ष्म कलाकार राहुल देव लोहार ने गोस्वामी तुलसीदास रचित पूरी हनुमान चालीसा को असली तुलसी के 14 पत्तों पर उकेरा है। कलाकार का दावा है कि तुलसी के पत्तों पर पूरी चालीसा लिखने का यह दुनिया का पहला मामला है। 14 पत्तों पर उकेरी 84 पंक्तियां राहुल ने इन 14 पत्तों पर चालीसा की सभी 84 पंक्तियां लिखी हैं। इस कार्य में उन्हें 15 से 18 घंटे का समय लगा। उन्होंने इतने सूक्ष्म अक्षर लिखने के लिए किसी लेंस या आधुनिक उपकरण का उपयोग नहीं किया। पूरी चालीसा को एक बाल वाले बारीक ब्रश से उकेरा गया है। कलाकृति की शुद्धता बनाए रखने के लिए पत्तों पर पहले चंदन का लेप लगाया गया। लिखने के लिए दीपक की प्राकृतिक कालिख (काजल) और गोंद के मिश्रण का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षित रखने के लिए जिलेटिन से किया कवर राहुल ने बताया कि हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी हैं, इसलिए उनके मन में इस पावन चालीसा को उन्हीं के नाम से जुड़े ‘तुलसी’ के पत्तों पर जीवंत करने का विचार आया। इस अनूठी कृति को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए जिलेटिन से कवर किया गया है। राहुल देव लोहार का दावा है कि अब तक किसी ने भी असली तुलसी के पत्तों पर इतनी सूक्ष्मता से संपूर्ण चालीसा नहीं लिखी है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल नीमच बल्कि पूरे प्रदेश के कलाकार गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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