कीरतपुर साहिब-मनाली मार्ग पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में चल रहे धरने में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस शामिल हुए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और टैक्सी चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही परिवहन मंत्री के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री बैंस ने हिमाचल सरकार के इस कदम को संघीय ढांचे के खिलाफ और असंवैधानिक बताया। उन्होंने याद दिलाया कि हिमाचल के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इस टैक्स को वापस लेने की बात कही थी, लेकिन यह अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। बैंस ने चेतावनी दी कि यदि हिमाचल सरकार ने जल्द टैक्स वापस नहीं लिया, तो पंजाब सरकार भी ‘रेसिप्रोकल टैक्स’ लगाने पर विचार करेगी। कैबिनेट मंत्री ने सीएम मान के सख्त रुख का जिक्र किया उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सख्त रुख का भी उल्लेख किया। बैंस ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही इस मुद्दे पर गंभीर है और आवश्यकता पड़ने पर कैबिनेट स्तर पर एक समिति बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। धरने में मौजूद एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि नगर काउंसिल ने पहले ही एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें कहा गया था कि जब तक हिमाचल सरकार सीमा पर लगाए गए टोल प्लाजा बंद नहीं करती, तब तक जवाबी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार ने टैक्स बढ़ाकर पंजाब के टैक्सी चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह टैक्स न केवल व्यापार को प्रभावित कर रहा है, बल्कि धार्मिक यात्राओं पर भी असर डाल रहा है। इसी मार्ग से श्रद्धालु विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए जाते हैं। फिलहाल धरना जारी है। मंत्री बैंस के आश्वासन के बाद समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, हिमाचल टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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