राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय दुलचासर में दसवीं और बारहवीं बोर्ड के शानदार परीक्षा परिणाम का जश्न शनिवार को बड़ी लापरवाही में बदल गया। स्कूल के प्रमोशन और मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उत्साह में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया। सफलता यात्रा के दौरान छात्राओं को ‘सरपंच’ लिखी पिकअप गाड़ी की छत पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाया। गाड़ी की छत पर बैठी छात्राओं के आगे अन्य बालिकाएं पैदल चल रही थीं। स्कूल प्रशासन और आयोजकों ने उत्साह में यह भी नहीं सोचा कि सरपंच की गाड़ी की छत पर बैठाकर रैली निकालना यातायात नियमों का खुला उल्लंघन है। ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा के बच्चों को बैठाना किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा है। यह कृत्य न केवल उन छात्राओं की जान जोखिम में डालने वाला है, बल्कि अन्य बच्चों को भी ऐसी खतरनाक हरकतों के लिए उकसाता है। प्रधानाचार्य सावित्री पूनिया ने छात्राओं की सफलता को कठिन परिश्रम का परिणाम बताया, लेकिन स्वागत के इस तरीके ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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