इंदौर11 मिनट पहले
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नमामि गंगे अभियान के तहत इंदौर और कबीट खेड़ी इलाके में चल रही विभिन्न परियोजनाओं को देखने के लिए एनएमसीजी कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं) बृजेंद्र स्वरूप पहुंचे।
उन्होंने नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक, कार्यपालन यंत्री अश्विन जनवदे, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि, कंसल्टेंट व अन्य अधिकारियों के साथ यहां चल रहे कामों को देखा।
कार्यकारी निदेशक ने इंदौर शहर में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत बन रहे 120 एमएलडी, 40 एमएलडी और 35 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कामों की डिटेल में समीक्षा की। साथ ही उज्जैन शहर में संचालित परियोजनाओं की प्रोग्रेस को भी देखा।
काम को देखने पहुंचे कार्यकारी निदेशक, निगम कमिश्नर व अन्य अधिकारी।
इस दौरान परियोजनाओं के विभिन्न चरणों, निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और समयसीमा पर विशेष बातचीत की। काम में हो रही देरी पर कार्यकारी निदेशक ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को काम की स्पीड़ बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में परियोजनाओं को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से है महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत किए जा रहे ये काम न केवल पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि शहरों में स्वच्छता एवं जल प्रबंधन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इसलिए सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध काम सुनिश्चित करना चाहिए।
काम की वर्तमान स्थिति देखने पहुंचे।
निगम कमिश्नर सिंघल ने भी संबंधितों को कहा है कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की दिक्कत को जल्द से जल्द दूर करते हुए काम में तेजी लाई जाए।