गैस डिलीवरी में देरी पर डीएम सख्त, कार्रवाई के निर्देश:4 दिन से ज्यादा पेंडेंसी पर एक्शन; प्रशासन अलर्ट




सहरसा में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में लगातार हो रही देरी और अनियमितता पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने भारत गैस, एचपी गैस और इंडेन गैस के सभी वितरकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की, जिसमें कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। इसके बाद डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह एजेंसियों को शो-कॉज नोटिस जारी करें समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन एजेंसियों के यहां 4 दिन या उससे अधिक की पेंडेंसी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वितरकों को चेतावनी देते हुए आईओसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक को लापरवाह एजेंसियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में ‘मैसर्स राजा इंडेन’ का मामला विशेष रूप से गंभीर पाया गया। जानकारी के अनुसार, एजेंसी के डिलीवरी वेंडर इन दिनों गेहूं कटाई में व्यस्त हैं, जिसके कारण गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो रही है। प्रशासन ने इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। एचपी गैस की स्थिति खराब, बैकलॉग 4.69 दिन आंकड़ों के अनुसार, एचपी गैस की स्थिति सबसे खराब है, जहां औसत बैकलॉग 4.69 दिन है। ‘जय माँ भगवती एचपी गैस’ में 10 दिन से अधिक की देरी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, बीर बजरंग, गौरी शंकर, माँ भगवती, माँ उग्रतारा और श्री श्यामा एजेंसियां भी चेतावनी के दायरे में हैं। इंडेन गैस में कुल 10,587 बुकिंग लंबित हैं। ‘शिवाय इंडेन’ में सबसे अधिक 7.91 दिन की पेंडेंसी दर्ज की गई है। ‘शाहिद रमन इंडेन’ में स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर डिलीवरी में देरी का मामला सामने आया। अरुनीत, हर्ष, शिवस्था और तेलवा इंडेन की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। भारत गैस की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, जहां औसत बैकलॉग 2.5 दिन है। हालांकि, ‘आशा’ और ‘आंचल’ भारत गैस एजेंसियां भी खराब प्रदर्शन के कारण प्रशासन की निगरानी में हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद डिलीवरी में देरी करने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



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