पंजाब में नशा खात्मे के सरकारी दावों के बीच कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी थाने से सटे पंडोरी मोहल्ले से गंभीर मामले सामने आए हैं। यहां कई परिवारों के उजड़ने और माताओं की आपबीती ने नशे के व्यापक फैलाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नशे का कारोबार खुलेआम जारी
मोहल्ले की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नशे का कारोबार खुलेआम जारी है। हालात यह हैं कि नशा अब पुलिस थानों के आसपास तक पहुंच गया है। उनके अनुसार, तस्कर मुंह ढककर मोटरसाइकिलों पर आते हैं और खुलेआम ‘चिट्टे’ (हेरोइन) की पुड़िया बेचकर फरार हो जाते हैं। यह दर्द केवल एक परिवार तक सीमित नहीं
एक मां ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसने नशे के कारण अपने चार बेटों को खो दिया है, जबकि पांचवां बेटा भी बिस्तर पर है और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है। यह दर्द केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। मोहल्ले की अन्य महिलाओं ने भी अपने बेटों को नशे की भेंट चढ़ने की बात कही है। कुछ ने दो तो किसी ने तीन बेटों को खोया है, जबकि कुछ का इकलौता सहारा भी नशे के कारण चला गया। तलाशी अभियान चलाकर आरोपियों की होगी पहचान
कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाकर आरोपियों की पहचान की जाएगी और उन पर कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नशे से पीड़ित लोगों को उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा और उनका इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। तस्कर पुलिस स्टेशन के आसपास ही सक्रिय
महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ के सरकारी दावों के बावजूद, इलाके में नशा आज भी सरेआम बिक रहा है। तस्कर बेखौफ होकर पुलिस स्टेशन के आसपास ही सक्रिय हैं। एक अन्य मां ने अपने पोतों की ओर इशारा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई कि उनके बेटों को तो नहीं बचाया जा सका, लेकिन अब इन मासूमों को बचाया जाए।
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