पंजाब के फाजिल्का जिले में बीते दिनों के दौरान बरसात और ओलावृष्टि व तेज हवाओं के चलते विभिन्न गांवो में कई फसलों का नुकसान हुआ है। इसके चलते अब इन खराब हुई फसलों का जायजा लेने के लिए भारतीय किसान यूनियन कादियां की टीम खेतों में पहुंची है। गांव इस्लाम वाला में पहुंचे किसानों ने कहा कि हजारों एकड़ फसल खराब हो गई है। बारिश और ओलावृष्टि से न सिर्फ गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है बल्कि फाजिल्का जिले में किन्नू के बागों में भी नुकसान हुआ हैं। जिसको लेकर उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर मुआवजा न दिया गया तो किसान प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग यूनियन के जिलाध्यक्ष निशान सिंह ढिल्लों ने बताया कि मौसम में बदलाव से बरसात और ओलावृष्टि के चलते फाजिल्का जिले के कई गांवों में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि फसल के हालात देखकर बहुत दुख हुआ है कि किसानों की पक्क कर तैयार हो चुकी गेहूं की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से इन फसलों की गिरदावरी करवा कर 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं की फसल के साथ साथ किन्नू के बागों का भी काफी नुकसान हुआ है। 2022 में खराब हुई फसलों का अभी तक नहीं मिला मुआवजा जिला सचिव जसपाल सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष लखविंदर सिंह ने कहा कि वर्ष 2022 में खराब हुई फसलों का अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। जो भी किसानों को दिया जाना चाहिए। हालांकि किसान राजिंदर सिंह सरा ने कहा कि आज 5 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार के अधिकारी उनके खेतों में नहीं पहुंचे है। जिसपर उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों की सुनवाई न की तो किसान सड़कों पर उतर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
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