दमोह जिले की पथरिया जनपद पंचायत के अंतर्गत सुजनीपुर स्थित सजिया गांव गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। यहां नल-जल योजना के तहत घरों तक पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन ग्रामीणों को सप्ताह में केवल एक दिन ही पानी मिल पाता है। पानी की कमी के कारण ग्रामीण लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। गांव की सड़कों पर लगे स्टैंड नल भी ग्रामीणों के लिए पानी का एक वैकल्पिक स्रोत हैं, जहां घर तक पानी न पहुंचने पर वे निर्भर रहते हैं। गर्मी की शुरुआत में ही यह स्थिति है, जिससे आगे चलकर और अधिक परेशानी होने की आशंका है। लोग बोले- नल लगा दिए, पानी नहीं आया ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। पाइपलाइन बिछाए हुए लगभग दो साल हो चुके हैं, फिर भी उन्हें प्रतिदिन पानी नहीं मिल पा रहा है। गां व की करीब 400 की आबादी, खासकर महिलाएं, हर दिन पानी के लिए संघर्ष करती हैं। ग्रामीण गोविंद ने बताया कि पानी का मुख्य स्रोत उनके गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है। वहीं से पानी भरकर लाया जाता है। एक अन्य ग्रामीण महिला शारदा ने जानकारी दी कि सप्लाई चालू होने के बाद पानी को गांव तक पहुंचने में ही दो घंटे का समय लग जाता है। ऐसे में यदि बिजली कटौती हो जाए, तो पानी बिल्कुल नहीं आता। कहा- एक हफ्ते से नहीं आया पानी मायारानी ने बताया कि नल में प्रेशर इतना कम है कि ज़मीन पर तसला रखकर बहुत पतली धार से पानी भरना पड़ता है। यदि बर्तन को थोड़ा भी ऊपर उठा लिया जाए, तो पानी आना बंद हो जाता है। ग्रामीण शीलरानी का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से गाँव में पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। नल-जल योजना के तहत हर घर में कनेक्शन है, लेकिन पानी नहीं आता।
पथरिया जनपद सीईओ केके पांडे का कहना है कि हो सकता है कि जल निगम के द्वारा इस प्रकार से दिन तय किए हो। यदि सप्ताह में एक दिन नल खुल रहे हैं तो जल निगम के अधिकारियों से बात करते हैं कि अधिक से अधिक मात्रा में पानी ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जाए।
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