सलूंबर जिले के दो गांवों में मंगलवार को आठ और बच्चों में अज्ञात बीमारी के लक्षण मिले। इन्हें बुखार और उल्टी हो रही है। इस बीमारी से 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनकी मौत अचानक बुखार होने के करीब 24 घंटे बाद हुई। मामला लसाड़िया ब्लॉक स्थित घाटा और लालपुरा गांव का है। पिछले 24 घंटे से स्वास्थ्य विभाग की 17 मेडिकल टीमें गांवों में घूम-घूम कर लोगों के सैंपल ले रही हैं। सलूंबर पीएमओ राजेश दोषी ने बताया- शिशु रोग विशेषज्ञ घाटा गांव में स्क्रीनिंग कर रहे हैं। यहीं पर लालपुरा के ग्रामीणों की भी जांच हो रही है। मंगलवार को आठ बच्चों में भी ऐसे ही लक्षण मिले हैं। इनमें बच्चों का तापमान ज्यादा मिला। देर शाम प्राथमिक इलाज के बाद लसाड़िया सीएचसी से 5 बच्चों को उदयपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं तीन बच्चों को सलूंबर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनके सैंपल लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों के बारे में साफतौर पर जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरतते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। 562 परिवारों की स्क्रीनिंग अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया- लालपुरा और घाटा गांव में 17 टीमें तैनात की गई हैं। इस क्षेत्र में करीब 562 परिवार रहते हैं। टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। ब्लड सैंपल कलेक्ट कर रही हैं। ये सैंपल जांच के लिए उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। 1 से 5 अप्रैल तक पांच बच्चों की मौत दोनों गांवों में बुखार और ऐंठन की शिकायत के बाद पांच बच्चों की मौत हो गई। 31 मार्च को लालपुरा गांव निवासी मानूराम मीणा के चार साल के बेटे दीपक मीणा को अचानक बुखार हुआ। उसे पहले धरियावद सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अगले दिन उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टर्स ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। 31 मार्च को लालपुरा गांव में ही सीमा मीणा (4) पुत्री गमाना मीणा को भी बुखार हुआ। 1 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे सीमा का बुखार तेज हो गया। उल्टी होने लगी और शरीर में ऐंठन हुई। कुछ देर बाद सीमा ने घर में ही दम तोड़ दिया। 3 अप्रैल को मानूराम मीणा के सात साल के दूसरे बेटे लक्ष्मण मीणा की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले लसाड़िया सीएचसी लेकर गए, लेकिन हालत गंभीर देखकर सलूंबर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टर्स ने तुरंत उदयपुर रेफर किया। वहां दो दिन इलाज के बाद 5 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। घाटा गांव के रहने वाले प्रकाश मीणा की दो साल की बेटी काजल को 5 अप्रैल की सुबह बुखार हुआ। दोपहर तक उसके शरीर में ऐंठन होने लगी। उसकी घर पर ही मौत हो गई। घाटा गांव के ही लक्ष्मण मीणा के चार साल के बेटे राहुल मीणा को भी 5 अप्रैल को बुखार और उल्टी की समस्या हुई। लक्ष्मण मीणा ने उसे धरियावद सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। देर शाम राहुल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूरदराज और जंगल क्षेत्र में बसे हैं दोनों गांव लालपुरा और घाटा गांव सलूंबर जिला मुख्यालय से करीब 56 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में स्थित हैं। खराब सड़क और दूरस्थ स्थान के कारण ग्रामीणों को अस्पताल तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। घाटा गांव लालपुरा से भी करीब 5 किलोमीटर आगे है, जिससे वहां तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है। …… इस घटना से संबंधित ये खबर भी पढ़ें… रहस्यमयी बीमारी से 5 दिन में 5 बच्चों की मौत:सभी मासूम 2 से 4 साल के, बुखार आया, उल्टी हुई और दम तोड़ दिया सलूम्बर जिले के दो गांवों में 5 दिन में 5 बच्चों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई। सभी बच्चों को अचानक तेज बुखार, ऐंठन और उल्टी हुई। इसके बाद बच्चों की मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
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