प्रदेश के दोनों बड़े शहरों में जनता कितनी बेहाल है, इसका अंदाजा पिछले 3 माह की जनता की शिकायतों से लगा सकते हैं। सड़कों पर गड्ढों, जाम, गंदगी से परेशान लोगों ने जयपुर और जोधपुर विकास प्राधिकरण को लेकर ही 33 हजार शिकायतें की हैं। यानी हर माह औसतन 11-11 हजार शिकायतें हुईं। हकीकत में शिकायतों की संख्या 70 हजार के पार हैं, लेकिन 181 संपर्क पोर्टल पर 33 हजार उन शिकायतों का डेटा दर्ज किया है, जिनका समाधान हो गया। भारी संख्या में शिकायतों की चौंकाने वाली स्थिति नगरीय विकास विभाग के एसीएस आलोक गुप्ता के सामने आई तो वे हैरत में पड़ गए। एसीएस का कहना है कि जोधपुर विकास प्राधिकरण के 12 हजार 885 तथा जयपुर विकास प्राधिकरण के 20 हजार 141 से अधिक परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है। इस वर्ष जनवरी से अब तक यूआईटी विभाग के 23 हजार 627 परिवाद दर्ज कराए गए। जोधपुर में सीवर के मेनहोल का ढक्कन खुला एसीएस गुप्ता ने मंगलवार को 181 हेल्पलाइन पर परिवादियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने जोधपुर निवासी रामकिशोर से मोबाइल पर बात कर उसकी समस्या सुनी। परिवादी ने बताया कि उनके क्षेत्र में सीवर लाइन के मेनहोल का ढक्कन खुला हुआ है। गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र परिवाद के निस्तारण करने के लिए कहा। उन्होंने अजमेर के राजेंद्र, जोधपुर के राघव तथा उदयपुर निवासी मुकेश से भी बातकर समस्या सुनी। समाधान के निर्देश दिए।
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