पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान युद्धविराम की घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत मिली है। मुजफ्फरपुर में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। शहर के इमामबाड़ा रोड स्थित सिया मस्जिद में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आज जश्न मनाया। युद्धविराम की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अकीदतमंद सिया मस्जिद परिसर में इकट्ठा हुए। यहां विश्व शांति और मानवता की सलामती के लिए विशेष इबादत का आयोजन किया गया। इबादत के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और गले मिलकर मुबारकबाद दी। मस्जिद के बाहर युवाओं ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया, जिससे पूरे इलाके का माहौल उत्सवपूर्ण हो गया। युद्धविराम पूरी ‘इंसानियत’ की जीत इस अवसर पर सिया मस्जिद के इमाम-ए-जुम्मा मौलाना सादाब रहबर ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धविराम किसी एक राष्ट्र, समुदाय या धर्म की जीत नहीं, बल्कि पूरी ‘इंसानियत’ की जीत है। मौलाना रहबर ने जोर देकर कहा कि युद्ध हमेशा विनाश लाता है, जबकि संवाद से ही समस्याओं का हल संभव है। उन्होंने आगे कहा, “हम इस फैसले का तहे दिल से स्वागत करते हैं क्योंकि इससे दुनिया में शांति और भाईचारे की उम्मीद और भी मजबूत हुई है। हमने सामूहिक रूप से अल्लाह का शुक्र अदा किया है कि उसने अमन का रास्ता दिखाया। यह एक बड़ी जीत है और इसके लिए हम पूरी दुनिया के उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने शांति के लिए आवाज उठाई।” जश्न में शामिल स्थानीय नागरिकों ने कहा कि युद्धविराम से न केवल देशों के बीच तनाव कम होगा, बल्कि युद्ध की विभीषिका झेल रहे आम मासूम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मस्जिद परिसर में मौजूद कौशर जैदी, मेहदी अब्बास और उर्फी रिजवी जैसे गणमान्य लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया।
Source link