कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी इलाके में बढ़ते नशे के प्रकोप को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत शाहकोट पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें 30 युवाओं को सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी में भर्ती कराया गया है। बता दे कि यह विशेष अभियान एसएसपी गौरव तूरा के दिशा-निर्देशों पर एएसपी धीरेन्द्र वर्मा (आईपीएस) की निगरानी में चलाया जा रहा है। इसमें थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने सुल्तानपुर लोधी के विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने नशे के आदी युवाओं से सीधा संवाद किया, उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया और बेहतर जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया। इस पहल के सकारात्मक परिणाम स्वरूप 30 युवाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया। नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना लक्ष्य सिविल अस्पताल में इन युवाओं को प्राथमिक उपचार और परामर्श दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें आगे के इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर भेजा जाएगा ताकि वे पूरी तरह से नशे से मुक्ति पा सकें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। नशे के खिलाफ यह अभियान रहेगा जारी इसके तहत गांव-गांव में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं और अभिभावकों से अपने बच्चों पर नजर रखने की अपील की जा रही है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार और सख्ती से जारी रहेगा। तस्करों को खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति हरिंदर सिंह ने कहा कि जो युवक नशा छोड़ना चाहते हैं, उन्हें हर संभव सहयोग देकर डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया जाएगा, जबकि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया पुलिस ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में इस तरह के संयुक्त अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के साथ-साथ युवाओं को बचाया जा सके। इस दौरान डॉक्टर हरप्रीत सिंह और डॉ. रजत ने भर्ती किए गए युवाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।
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