बिना डिलीवरी के बने 137 जन्म प्रमाण पत्र:आधार सुधार के नाम पर बनाते थे सर्टिफिकेट; 6 आरोपी गिरफ्तार, डाटा एंट्री ऑपरेटर निकला मास्टरमाइंड




राजगढ़ जिले में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। माचलपुर थाना पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसने रामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बिना एक भी डिलीवरी के 137 जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए। आरोपियों ने आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि सुधार कराने के नाम पर लोगों के फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर पैसा कमाया। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आई गड़बड़ी
मामले की शुरुआत तब हुई जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरापुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील चौरसिया को रामगढ़ PHC से जारी हो रहे संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि फरवरी 2026 में इस केंद्र में एक भी प्रसव दर्ज नहीं हुआ, इसके बावजूद सिस्टम से बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। डाटा एंट्री ऑपरेटर निकला मुख्य आरोपी
जांच में सामने आया कि रामगढ़ अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा अर्जुन बैरागी इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। उसने CRS पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए बिना आवेदन और बिना किसी वैध दस्तावेज के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए। कई प्रमाण पत्र ऐसे लोगों के बनाए गए, जो राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, सिक्किम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के निवासी हैं। पुरानी तारीखों के भी बनाए सर्टिफिकेट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कई जन्म प्रमाण पत्र 1950 से 1980 के बीच की जन्मतिथि के बनाए गए, जबकि उस समय संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की व्यवस्था ही नहीं थी। इसके अलावा 1 अप्रैल 2007 से पहले की जन्मतिथि वाले प्रमाण पत्र भी अस्पताल से जारी किए गए, जो नियमों के विरुद्ध है। आधार सुधार के नाम पर बनाते थे फर्जी सर्टिफिकेट
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि सुधार कराने वाले लोगों को टारगेट किया जाता था। लोक सेवा केंद्र, आधार सेंटर और एमपी ऑनलाइन संचालकों के माध्यम से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जाती थी। इसके बाद व्हाट्सएप पर जानकारी लेकर पोर्टल में एंट्री कर फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। इसके बदले 500 से 1000 रुपये तक वसूले जाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अब तक करीब 250 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए हैं और करीब 35 हजार रुपये की अवैध कमाई करने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी सहित देवीलाल गुर्जर, गिरिराज मीणा, पवन राठौड़, जसवंत गुर्जर, भगवान सिंह गुर्जर और सोनू शर्मा को गिरफ्तार किया है। मोबाइल और कंप्यूटर सिस्टम जब्त
आरोपियों के पास से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में इस्तेमाल मोबाइल फोन और पीएचसी रामगढ़ का कंप्यूटर सिस्टम भी जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और मामले में आगे कार्रवाई जारी है।



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