पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा का स्वागत करते हुए HMEL के एमडी प्रभ दास।
पंजाब सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने बठिंडा में एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (HMEL) की गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी का दौरा किया। उन्होंने पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और रिफाइनरी की आधुनिक तकनीक और सुरक्षा
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रिफाइनरी पहुंचने पर HMEL के एमडी एवं सीईओ प्रभ दास और वरिष्ठ नेतृत्व टीम द्वारा मंत्री का स्वागत किया गया। दौरे के दौरान उन्होंने रिफाइनरी की प्रमुख परिचालन इकाइयों का निरीक्षण किया और HMEL की नेतृत्व टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्हें यहां उपयोग में लाई जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और सर्वोत्तम प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी दी गई।
पंजाब के औद्योगिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में नई औद्योगिक नीति 2026 राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगी और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगी।
HMEL के अधिकारियों के साथ पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा।
फाइन केमिकल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि HMEL समूह ने पंजाब को अपनी प्रमुख निवेश स्थली बनाया है, जहां कंपनी का कुल निवेश लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही फाइन केमिकल सेक्टर में एचएमईएल द्वारा हाल ही में घोषित ₹2,600 करोड़ के निवेश को उन्होंने राज्य की औद्योगिक क्षमता को और मजबूत करने वाला कदम बताया।
मंत्री ने HMEL के उच्च सुरक्षा और दक्षता मानकों की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने औद्योगिक संचालन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इस अवसर पर उन्होंने रिफाइनरी में स्थित एशिया के सबसे बड़े स्वचालित प्रोडक्ट स्टोरेज वेयरहाउस का भी दौरा किया, जो लगभग 1 किलोमीटर लंबा है और 1.5 लाख टन पॉलिमर संग्रहित करने की क्षमता रखता है। यह पूरी तरह स्वचालित और मानव रहित प्रणाली से संचालित होता है।
सुरक्षा और निगरानी के लिए रोबोटिक डॉग तैनात
तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए मंत्री को हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में पहली बार उपयोग किए जा रहे क्वाड्रूपेड रोबोटिक डॉग (K-9X) से भी अवगत कराया गया। यह रोबोट निगरानी, गैस रिसाव की पहचान और सुरक्षा मॉनिटरिंग के लिए उपयोग किया जाता है। मंत्री अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की तकनीकी पहलें एचएमईएल को नवाचार का प्रतीक बनाती हैं और पंजाब को भविष्य-केंद्रित औद्योगिक राज्य के रूप में स्थापित करती हैं।
पेट्रोकेमिकल डाउनस्ट्रीम सेक्टर की संभावनाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि HMEL जैसी विश्वस्तरीय रिफाइनरी की मौजूदगी सहायक और संबद्ध उद्योगों के विकास के लिए मजबूत आधार सिद्ध होगी।
राज्य को प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब बनाने का लक्ष्य
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार राज्य को भारत के प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने एचएमईएल की सीएसआर पहलों की भी सराहना की, जिनके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। अंत में HMEL के नेतृत्व ने मंत्री का दौरे के लिए आभार व्यक्त करते हुए पंजाब के औद्योगिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए ऑपरेशनल एक्सीलेंस, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।