सिरोही जिले की आबूरोड पंचायत समिति में फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस प्रकरण में 7 ग्राम विकास अधिकारियों और 1 कनिष्ठ सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के निर्देश पर की गई। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग सिरोही के उप निदेशक ऑफिस से पेश की गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन कार्मिकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए बिना उचित जांच और सत्यापन के जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए। यह कृत्य जन्म-मृत्यु अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत पाया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। इन कार्मिकों पर गिरी गाज निलंबित कार्मिकों में बाबूलाल सैनी (ग्राम विकास अधिकारी, गणका), गौरव कुमार बारोठ (ग्राम विकास अधिकारी, सियावा), नितिन कुमार शर्मा (ग्राम विकास अधिकारी, सियावा), अशोक कुमार (ग्राम विकास अधिकारी, उपलागढ़ एवं निचलागढ़), ऋषि सैनी (ग्राम विकास अधिकारी, खडात), धर्मेन्द्र मिश्रा (ग्राम विकास अधिकारी, उपलागढ़), प्रभूराम मीणा (ग्राम विकास अधिकारी, उपलागढ़) और मोनिका (कनिष्ठ सहायक, सियावा पंचायत समिति आबूरोड) शामिल हैं। राजस्थान सिविल सर्विस नियमों के तहत निलंबन मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत सभी दोषी कार्मिकों को निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय पंचायत समिति रेवदर निर्धारित किया गया है।
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