बांसवाड़ा| गर्मी की तपती दोपहरों में गांवों का जीवन सबसे अधिक पानी पर निर्भर होता है, लेकिन जब हैंडपंप ही जवाब दे जाएं तो हालात भयावह हो उठते हैं। कई गांवों में खबरा पड़े हैंडपंपों के कारण लोगों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद पंचायत और प्रशासन की उदासीनता समस्या को और गंभीर बना रही है। नतीजतन महिलाएं और बच्चे दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं। यह लापरवाही न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। गांवों में गर्मी के दिनों में खबरा पड़े हैंडपंपों की वजह से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद पंचायत व प्रशासन इन खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक नहीं करवा रहा इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। बांसवाड़ा| दौलतपुरा पंचायत के भगतपुरा गांव में खराब हैंडपंप के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ गए हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता बरकरार है। ग्रामीण हुरतेग डामोर ने बताया कि हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है । बांसवाड़ा. घलकिया की नई बस्ती पृथ्वीगढ़ डूंगरी पाड़ा में एक माह से हैंडपंप खराब है। यहां 15 परिवारों के 80-90 लोग और मवेशी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। केशवलाल ने बताया कि नई बस्ती पृथ्वीगढ़ का एक अन्य हैंडपंप भी पिछले 8-9 महीनों से बंद है, जबकि मोतीमाता मंदिर क्षेत्र का हैंडपंप भी जवाब दे चुका है। आंबापुरा | ग्राम पंचायत खेड़ा वड़लीपाड़ा के राउप्रावि भूतपाड़ा व राप्रावि नई बस्ती भूतपाड़ा में पीने के पानी की बहुत किल्लत हो रही हैं गर्मियों की वजह से हैंडपंप व पाइपलाइन भी पूरी तरह से बंद हो गए हैं और स्कूल भी चालू हो गई है वहीं छात्र छात्राएं भी पानी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत प्रताप नगर के सामापाड़ा गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यहां का हैंडपंप पिछले तीन से चार वर्षों से बंद पड़ा है, लेकिन जिम्मेदार अब तक मौन हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार वार्ड पंच और सरपंच को शिकायत की गई, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई।
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