मिनिस्टर-MLA-फैक्ट्री मालिक की काॅन्फ्रेंस कॉल रिकार्डिंग वायरल:मंत्री बोला, तेरे जैसों को मैं रोज @#$#@% हूं, ट्रॉली के पैसों का विवाद




सोशल मीडिया पर तीन लोगों की कॉन्फ्रेंस कॉल की रिकार्डिंग वायरल हो रही है। रिकार्डिंग में एक को पंजाब सरकार का कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां बताया जा रहा है जबकि दूसरे को MLA धालीवाल। वहीं तीसरे का नाम मलकीत है जो कि फैक्ट्री का मालिक है। रिकार्डिंग में बार-बार मुंडियां, धालीवाल, मलकीत, मंत्री साहब, हरदीप जैसे संबोधन आ रहा हैं। जिसकी वजह से इस रिकार्डिंग को विपक्षियों ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू, शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया व कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यह वीडियो कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल व मुकेरियां के फैक्ट्री मालिक मलकीत सिंह के बीच हुई कॉन्फ्रेंस कॉल का है। MLA धालीवाल मुडियां व मलकीत के बीच हो रही बहस को बार-बार शांत करवाने की कोशिश कर रहा है। मुंडियां व मलकीत सिंह के बीच बहस इतनी बढ़ जाती है कि मुंडियां ने उसे यहां तक कह दिया कि तेरे जैसों को मैं रोज @#$#@% हूं। 5 मिनट 2 सेकेंड के इस वीडियो में मलकीत सिंह मुंडियां पर गैंगस्टरों का साथ देने के अलावा उस पर गोली चलाने वालों का साथ देने का आरोप भी लगाता है। यही नहीं उसने कहा कि दो साल हो गए टॉली दिए अभी तक पैसे नहीं दिए उल्टा उसकी फैक्ट्री बंद करवाने के लिए शिकायतें करवा रहे हैं। वायरल रिकार्डिंग की शुरुआत पैसों की लेन-देन को लेकर हो रही है। उसी दौरान मलकीत सिंह मुंडियां पर गंभीर आरोप लगाता हुआ सुनाई दे रहा है। कॉन्फ्रेंस कॉल की वायरल रिकॉर्डिंग में हो रही बातचीत अंश, सुनिए… मुंडियां: मैंने तेरे से पूछा था कि धालीवाल साहब से कितने पैसे देने हैं। बात हुई थी न तेरे से। मलकीत : नहीं जी, मैं अभी कहीं बैठा हूं बाद में बात करते हैं। मुंडियां: नहीं-नहीं कक्का, तू बिल बता। सारे गांव में बदनामी करवा दी है। मुंडियां से पैसे लेने हैं। तूने मेरे को कौन सी ट्राली दी है। मलकीत: नहीं भाई जी। मैंने किसको कहा है। तुम मेरी बात तो सुनो। आप बताओ किसे कहा। धालीवाल: ओ प्रधान जी मेरी बात सुनो। मुंडियां साहब सुनो। क्या नाम है भाई का। मुंडियां: मलकीत। धालीवाल: मलकीत जी मैं तुमको कैश दे देता हूं। मलकीत: हरदीप भाई जी का मान करता हूं। मेरी भी सुनो। मैंने आपका इतना मान रखा। तुम्हरे गांव में पिछले 6 महीने में कोई ऐसा डिपार्टमेंट नहीं है जहां तुमने मेरी शिकायत नहीं की। कभी डिप्टी को, कभी डीसी को, कभी पॉल्युशन डिपार्टमेंट को। हमने क्या गलत कर दिया। मुंडियां: तूने सारा गांव परेशान किया है। मैं गांव वालों की न सुनूं। मलकीत : किसे परेशान किया है। मुंडियां: पूरी पंचायत ही परेशान है। पंचायत की जमीन का ठेका ही नहीं दे रहा। एक किला और ले लिया। मलकीत: पंचायत का ठेका तो दे रहा हूं। कौन सा किला ले लिया। पांच लोगों की पंचायत थोड़ा होगी। आप गांव आकर लोगों को पूछो। धालीवाल: चल सारी बातें छोड़, मंत्री साहब के साथ बैठकर बात कर ले। मलकीत: सर वो बात नहीं है। मेरी बात सुनो। गांव में आओ ओर लोगों को पूछो कि कौन परेशान है। सभी ने साइन करके दिए हैं। अगर कोई बात है तो बताओ। अगर वो गोली मारने आए तो आपने उनकी मदद की। गैंगस्टर आए तो आपने उनकी मदद की। बताओ मैंने क्या गलत किया। धालीवाल: तू मेरी बात सुन भाई। मैंने तेरी मदद की है। मलकीत: मैं आपको नहीं कह रहा हूं। तुम आते हो तो हम ढोल बजाते हैं सब कुछ करते हैं। आपका मान करते हैं। देबे के पीछे कोन चलता है, गांव आकर पता करो। वोट डलवाकर देख लो। सरकार कह रही है फैक्ट्रियां लगवाओ ये फैक्ट्रियां बंद करवाने पर लगे हैं। धालीवाल: अरे तू बात तो सुन ले। तू क्यों ऐसा कर रहा है। मलकीत: मैं तो भगवंत मान साहब को मिलूंगा। मीडिया में हल्ला करूंगा। मुंडियां: धालीवाल साहब क्या कह रहा है ये? मलकीत: सर मैं यह कह रहा हूं कि मैंने आपके लिए क्या गलत किया? धालीवाल: अगर नहीं किया तो कोई बात नहीं चुप हो जा यार। मलकीत: नहीं सरकार तो कह रही है फैक्ट्री लगाओ और आप बंद करवाने पर तूले हैं। मुंडियां: तू पैसे बता। धालीवाल: मंत्री साहब बैठ के बात कर दो यार। कितनी सी बात है। मुंडियां: इससे मेरा न लेना न देना। इसने चाली बनाई। पैसे आपने लिए हैं नाम मेरा लगा रहा है। मलकीत: लगवाओं जी। छह महीने हो गए। मेरी मिट्‌टी पलीत कर ली। मैं तो हल्ला करूंगा। सीएम साहब को मिलूंगा। मुंडियां: मैंने पूरे गांव की सुननी है। मलकीत: मैं बाहर का हो गया हूं बताओ। गांव में आकर वोट डलवाकर देख लो। दो करोड़ रुपए टैक्स देते हैं। आपका क्या गलत किया है। कभी डीसी को कहते हैं कि गांव में धरना लगा दो कभी गैंगस्टरों की मदद कर रहे हो। मुंडियां: तू ट्राली के पैसे बता कितने हैं? मलकीत: बता दूंगा जी। मुंडियां: धालीवाल साहब इसको कहाे तू अपना बिल बता और पैसे ले ले। मलकीत: मैंने धालीवाल साहब को नहीं दी ट्रॉली। आपको दो साल पहले दी है। धालीवाल: तू बिल दे दे। कोई बात नहीं हम कर लेंगे। मलकीत: कोई बात नहीं। मैं गुरमीत काे पूछ के बताता हूं। आपका मान करते हैं। मुंडियां: कोई बात नहीं, तेरा मान देख लिया। मलकीत: मान अभी करना है। अभी तो कुछ नहीं किया। मीडिया में हल्ला करूंगा। मुंडियां: कर ले मीडिया में हल्ला करना है ताे कर ले। मुझे कौना रास्ता पात नहीं है। तेरे वरगे रोज @#$#@%हूं मैं धालीवाल: मलकीत ऐसी बात नहीं करनी। कोई बात नहीं। मलकीत : भाई साहब ये बातें करने वाली नहीं हैं। मुंडियां: तेरे कोई पैसे देने हैं बता। मलकीत: आज दो साल बाद बात क्यों याद आई। दो साल में तुमने मिट्‌टी करके रख दी। गोली मारने आए उनका साथ दिया। गैंगस्टर आए उनका साथ दिया। हरगोबिंदपुरा वाले गोली मारने आए तुमने डिप्टी को कहा इस पर पर्चा करो। मुडियां: मैंने किसी को फोन नहीं किया। मैं सेवा करता हूं। तूने सारा गांव दुखी किया है। मलकीत: पंचायत की पैली तुमने दबाई नहीं है।



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