पाली की पॉश कॉलोनी में मां और दो बेटों ने सुसाइड कर लिया। बड़े बेटे नरपत लाल (34) की बॉडी पंखे से लटकी थी। मां शांति देवी (59) और छोटा बेटा रघुवीर (26) फर्श पर पड़े थे।
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सबसे पहले नरपत के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने उनके शव को देखा था। वही पुलिस लेकर घर के अंदर पहुंचा था। उसने बताया- कल (8 अप्रैल) ही बात हुई थी। तब नरपत ने कहा था कि मेरे शरीर पर घाव हो रहे हैं। उनमें मवाद भर रहा है। मुझे हॉस्पिटल ले चलना। इसके बाद सीधे उनकी लाश मिली।
करीब 2 साल पहले उनके पिता की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब पूरा परिवार ही खत्म हो गया।
वहीं नरपत के दोस्त और पड़ोसी ने कहा- मुझे भी अस्पताल ले जाने की बात कही थी और कहा था कि शाम को आना। फोन मत करना, सीधे दरवाजा खटखटाना। मैं जा नहीं सका और अगले दिन तीनों की लाश मिली।
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें बीमारी से डिप्रेशन में आकर सुसाइड करने की बात लिखी है। पुलिस फिलहाल सुसाइड और अन्य एंगल से भी जांच कर रही है।
पढ़िए सामूहिक सुसाइड की ये रिपोर्ट…
घर से आ रही थी बदबू
9 अप्रैल को शाम 6 बजे पाली के जोधपुर रोड आशापुरा टाउनशिप के घर में शांति देवी और उनके बेटों नरपत व रघुवीर के शव मिले थे। घर 2 दिन से बंद था।
सबसे पहले मारवाड़ जंक्शन के जोगड़ाबास निवासी मौसेरा भाई लक्ष्मण घर पर पहुंचा था। दरवाजा खटखटाया और आवाज दी। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिलने के बाद औद्योगिक नगर थाना पहुंच कर पुलिस ले आया।
घर अंदर से बंद था। ऐसे में पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। तीनों के शव बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए।
डीएसपी सिटी मदन सिंह ने बताया- मौके से दो मोबाइल और एक सुसाइड नोट भी मिला है। जांच जारी है।
औद्योगिक नगर थाना प्रभारी निरमा बिश्नोई ने बताया कि 2 शवों के पास जहर की बोतल भी मिली है। मामले के जांच जारी है।
पाली की पॉश कॉलोनी आशापुरा टाउनशिप। इसी कॉलोनी के मकान में तीनों के शव मिले।
पिता की नहाते हुए हार्ट अटैक से मौत हुई थी
लक्ष्मण ने बताया- नरपत ऑयल कंपनी में काम करता था। उसकी बॉडी में जगह-जगह घाव हो गए थे। ऐसे में उसने करीब 8 महीने पहले जॉब छोड़ दी थी। वह घर पर ही रहने लगा था।
नरपत के पिता मांगीलाल मिल में काम करते थे और मिल चाली क्षेत्र में ही रहते थे। करीब दो-तीन साल पहले उन्होंने आशापुरा टाउनशिप में मकान खरीदा और यहां आकर रहने लगे।
करीब 2 साल पहले एक दिन बाथरूम में नहाने के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। अब पूरे परिवार के सामूहिक सुसाइड ने सभी को चौंका दिया।
घर पर नरपत, रघुवीर और उनकी मां शांतिदेवी रहते थे। रघुवीर मस्तान बाबा के पास एक मोबाइल शॉप पर काम करता था। मां शांतिदेवी भी बीमार रहती थीं।
मकान से भयंकर बदबू आ रही थी। पुलिस ने मुंह ढककर मौका मुआयना किया।
हॉस्पिटल में भर्ती होने की बात कही थी
लक्ष्मण ने बताया- नरपत ने 8 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे कॉल किया था और कहा था कि उसकी बॉडी में जगह-जगह मवाद पड़ गया है। ओम हॉस्पिटल में उसे भर्ती होना है, इसलिए उसे हॉस्पिटल भर्ती करवाने आ जाओ।
घर आने के लिए मैंने शाम को कई कॉल किए, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद 9 अप्रैल की शाम को उनके यहां पहुंचा तो सारा मामला सामने आया।
मां शांति देवी और रघुवीर के शव फर्श पर पड़े थे। नरपत पंखे से लटका हुआ मिला।
पड़ोसी से कहा था- दरवाजा खटखटाना, कॉल मत करना
नरपत के मकान के सामने रहने वाले पड़ोसी सौरभ ने बताया- 8 अप्रैल को नरपत उसे हाउसिंग बोर्ड में मिला था। उसने कहा था कि उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल भर्ती होना है, इसलिए साथ चलना।
शाम करीब 7 बजे घर आना, मोबाइल बंद रहेगा। इसलिए दरवाजा खटखटाना। सौरभ ने बताया कि वह किसी कामकाज के चक्कर में नरपत के घर नहीं जा सका।
इसी घर में तीनों की लाश मिली थी। घर अंदर से बंद था, पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी।
सुसाइड नोट में लिखी डिप्रेशन की बात
जानकारी के अनुसार, नरपत ने अपने कुछ रिश्तेदारों को अपना, छोटे भाई और मां का फोटो, आधार कार्ड, जन आधार कार्ड वॉट्सएप किए। पुलिस को कमरे में एक सुसाइड नोट मिला है।
इसमें बीमारी के चलते डिप्रेशन में होने के कारण यह कदम उठाना बताया गया है। नरपत अपने डिप्रेशन के चलते नौकरी छोड़ घर पर बैठा था। दोनों भाइयों की शादी भी नहीं हुई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले:घर से आ रही थी बदबू, दो दिन से गेट अंदर से बंद था, सुसाइड नोट मिला
पाली में बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले हैं। दो दिन से गेट अंदर से बंद था। पड़ोसियों को मकान से बदबू आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। गेट तोड़कर अंदर पहुंची तो तीन शव पड़े हुए थे। (पढ़ें पूरी खबर)