झाबुआ के आमली फलिया गांव में एक सगाई समारोह खूनी संघर्ष में बदल गया। पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद में पूर्व सरपंच बापू वाखला की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना बुधवार शाम को रतना फलिया में हुई, जहां एक परिवार में सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। बापू वाखला और चिलिया वाखला के परिवारों के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी थी। आयोजकों ने दोनों पक्षों को आमंत्रित नहीं किया था, जिससे विवाद शुरू हुआ। सुलह के बुलाई थी बैठक विवाद बढ़ने पर सुलह के लिए एक बैठक बुलाई गई, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। जल्द ही दोनों गुटों के बीच गाली-गलौज, पत्थरबाजी और तीर-कमान से हमला शुरू हो गया। इसी दौरान हुई फायरिंग में बापू वाखला के सीने में छर्रे लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हिंसक झड़प में जुवान सिंह, विक्रम और मकना सहित तीन अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नब्बु वाखला, चीलीया वाखला और उनके साथियों ने सुनियोजित तरीके से हथियारों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार को भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में पूर्व सरपंच का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब तक दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। विवाद की अन्य तस्वीरें…
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