उदयपुर में 11KV की बिजली लाइन में फॉल्ट ठीक करते वक्त अचानक लाइन चालू करने से लाइनमैन की मौत के मामले में दूसरे दिन भी अधिकारी ये तक नहीं बता पाए कि आखिर लाइन चालू किसने की? सवाल पूछे जाने पर प्रतापनगर एक्सईएन राकेश करण बोले-ये जांच का इश्यू है। उच्चाधिकारी इसकी जांच करवाएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद ही बता पाएंगे कि आखिर लाइन चालू करने वाला कौन था। ठेकेदार की गलती पूछे जाने पर एक्सईएन कुछ नहीं बोले। इधर, विभाग के अधिकारियों ने मृतक परिवार को ठेकेदार से 7 लाख रुपए मुआवजे का आश्वासन दिलवाकर मामला शांत करवा दिया। ठेकेदार ने 7 लाख मुआवजे का दिया आश्वासन
देर रात तक करीब 1 बजे लोग डबोक हॉस्पिटल के बाहर लोग जमे रहे और घटना का विरोध किया। मौके पर मावली तहसीलदार, डबोक थानाधिकारी गोपाल नाथ और एक्सईएन राकेश करण सहित परिजन और ग्रामीण मौजूद थे। परिजन ठेकेदार को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद वापस सुबह ग्रामीण एकत्रित हुए। करीब एक घंटे तक विरोध के बाद ठेकेदार द्वारा 7 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू की गई। करंट से धमाके के साथ फटा था लाइन का शरीर
घटना डबोक थाना क्षेत्र के तुलसीदासजी की सराय में गुरुवार शाम 6:30 बजे धुनीमाता निवासी लाइनमैन शोकत शेख (42) की पोल पर फॉल्ट ठीक करते वक्त अचानक करंट आने से मौत हो गई थी। वे वे 11केवी की लाइन को शटडाउन करके ही पोल पर चढ़े थे लेकिन अचानक किसी ने जीएसएस से बिजली सप्लाई चालू कर दी। जिससे फॉल्ट ठीक कर रहे शोकत शेख का शरीर धमाके के साथ फटा और पोल से नीचे गिर गया। उनका एक पैर पूरी तरह टूट गया। घटना के बाद परिजनों ने गांव के अनुभवहीन निजी व्यक्तियों को GSS में काम पर रखने का भी आरोप लगाया था। इनपुट: ओम पुरोहित, खेमली
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