जोधपुर में भू-माफिया-साइबर ठगी पर डबल एक्शन:जमीन फर्जीवाड़ा और ऑनलाइन फ्रॉड पर लगेगा लगाम, कमिश्नरेट ने बनाई दो विशेष टीमें




जोधपुर कमिश्नरेट में भू-माफिया और साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए बड़ी पहल की गई है। जमीन फर्जीवाड़े और ऑनलाइन फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दो स्पेशल सेल गठित किए गए हैं, जो इन अपराधों पर नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई करेंगे। इस कदम से शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने अलग-अलग दो आदेश जारी करते हुए कमिश्नरेट स्तर पर ‘भूमि विवाद प्रकोष्ठ’ और ‘साइबर प्रकोष्ठ’ का गठन किया है। इन दोनों विशेष टीमों की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। पूर्व पुलिस आयुक्त भूपेंद्र दक के फॉर्मूले की हुई वापसी जोधपुर शहर के विस्तार के साथ ही जमीनी धोखाधड़ी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में जब जोधपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई थी, तब शहर के प्रथम पुलिस कमिश्नर भूपेंद्र कुमार दक ने भी इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए भूमि विवादों की जांच के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया था। उस समय इस टीम में राजस्व और जमीनी मामलों की जांच में विशेषज्ञता रखने वाले पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। अब मौजूदा पुलिस आयुक्त ने बढ़ते अपराधों को देखते हुए उसी तर्ज पर इस प्रकोष्ठ को नए सिरे से और अधिक सशक्त रूप में गठित किया है। भूमि विवाद प्रकोष्ठ: राजस्व विभाग से समन्वय कर करेगा निस्तारण पुलिस कमिश्नर के आदेश के अनुसार, थानों में भूमि संबंधी विवाद, भू-माफियाओं की शिकायतों और विशेषकर भूखंडों के डबल पट्टे व एक से अधिक मालिकाना हक जताने के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसे रोकने के लिए ‘भूमि विवाद प्रकोष्ठ’ बनाया गया है। इस प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी एडीसीपी (आसूचना एवं सुरक्षा) राजवीर सिंह चम्पावत होंगे, जबकि उनकी सहायतार्थ अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक बंशीलाल को तैनात किया गया है। यह टीम राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का तुरंत समाधान करेगी। इस प्रकोष्ठ में पदस्थापित कार्यालय अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा) से एएसआई कल्याण सिंह, पुलिस लाइन से एएसआई पूरणमल व परसाराम, कॉन्स्टेबल हर्ष देवड़ा, कॉन्स्टेबल आशीष और महिला कॉन्स्टेबल भावना को इस टीम में शामिल किया गया है। साइबर प्रकोष्ठ: 15 अधिकारियों की विशेष टीम करेगी तुरंत अनुसंधान इसी तरह, दूसरे आदेश के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी नियंत्रण एवं तुरंत जांच के लिए ‘साइबर प्रकोष्ठ’ का गठन किया गया है। इस प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (त्वरित अनुसंधान सेल) धन्नाराम होंगे। इस 15 सदस्यीय टीम में अलग-अलग जगहों पर पदस्थापित विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। इनमें पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर रामकृष्ण टाडा, साइबर पूर्व से एएसआई राकेश सिंह और पुलिस लाइन से एएसआई शम्भुदान शामिल हैं। हेड कॉन्स्टेबलों में साइबर पश्चिम से प्रेम चौधरी, साइबर पूर्व से जितेंद्र सिंह और पुलिस लाइन से संगीता को टीम का हिस्सा बनाया गया है। इनके अलावा साइबर पूर्व से कॉन्स्टेबल देवेन्द्र परिहार व गणपतराम, साइबर पश्चिम से जगदीश, जसवंत सिंह, गणेश दास व गणपत राम और पुलिस लाइन से कॉन्स्टेबल रविन्द्र, मोहन व महिला कॉन्स्टेबल सुमन को इस विशेष साइबर टीम में तैनात किया गया है।



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