गोपालगंज में सिधवलिया की अंचलाधिकारी (सीओ) प्रीतिलता और 10 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया बदमाश के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी प्रीतिलता पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अपराधी को विभागीय कार्रवाई में मदद की बात वायरल ऑडियो में सीओ की बातचीत फरार अपराधी रंजन यादव से होने का दावा किया जा रहा है। इसमें सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के मुद्दे पर चर्चा की गई है। साथ ही, अपराधी को विभागीय कार्रवाई से बचाने और उसकी मदद करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, यह ऑडियो करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है, जो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। रंजन यादव गोपालगंज के कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हत्या के मामले में पिछले छह माह से फरार है। गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सरकारी भूमि की बंदरबांट का प्रयास इस संदर्भ में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि सोशल साइट पर वायरल हो रहे ऑडियो रिकॉर्डिंग में अंचलाधिकारी प्रीतिलता और जिले के शातिर अपराधी-सह-भू-माफिया के बीच बातचीत स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है। इसमें अंचलाधिकारी द्वारा एक अपराधी का अभिवादन करते हुए सुनियोजित षड्यंत्र के तहत सरकारी भूमि की बंदरबांट का प्रयास किया जा रहा है। डीएम ने आगे कहा कि ऑडियो क्लिप में अंचलाधिकारी द्वारा सरकारी भूमि के एक हिस्से में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराने का प्रस्ताव भू-माफिया को दिया जा रहा है, जबकि शेष संपूर्ण भू-भाग भू-माफियाओं के हाथों में सौंपने हेतु मान-मनव्वौल किया जा रहा है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा इससे यह गंभीर तथ्य उजागर होता है कि शातिर अपराधी से गहरी सांठगांठ कर अपनी व्यक्तिगत लिप्सा की पूर्ति के लिए सरकारी अचल संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और सीओ पर एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया द्वारा भू-माफिया से की गयी वार्ता न सिर्फ अत्यंत लज्जाजनक है बल्कि विभागीय गरिमा को धूल-धूसरित भी करता है। उल्लेखनीय है कि अंचल अधिकारी का पदीय दायित्व सरकारी भूमि का संरक्षण है। परन्तु प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया द्वारा भू-माफियाओं को संरक्षित एवं संपोषित कर उनकी मिलीभगत से सरकारी भूमि के बंदरबांट का प्रयास किया जाना निःसंदेह एक संज्ञेय अपराध एवं एक लोकसेवक के लिए निरूपित आचार नियमावली 1973 के नियम-3 के सर्वथा प्रतिकूल है। है। अतएव प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया के उक्त वर्णित कृत्य के लिए उनके विरूद्ध विधिक कार्रवाई किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
अतः उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में प्रियव्रत कुमार, प्रभारी अंचल अधिकारी, सिधवलिया को आदेश दिया जाता है कि प्रीतिलता के उक्त वर्णित कृत्यों के लिए उनके विरूद्ध स्थानीय थाना में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज कराते हुये अनुपालन से अनिवार्य रूप से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
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