पंजाब के श्रद्धालुओं की नाव पलटी, 10 की मौत:मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल; वृंदावन घूमने गए थे, आज लुधियाना पहुंचेंगे शव




लुधियाना के जगराओं से मथुरा के वृंदावन गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलट गई। इसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के 7 सदस्य थे। जिनमें इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल थे। ये सभी शुक्रवार सुबह ही वृंदावन पहुंचे थे। गुरुवार (9 अप्रैल) को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी। श्री बांके बिहारी के दर्शन के बाद श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। जो नाव पलटी, उसमें जगराओं के रहने वाले 30 श्रद्धालु सवार थे। मृतकों के शव आज लुधियाना पहुंच सकते हैं। हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। श्रद्धालु राधे-राधे जप करते हुए यमुना विहार कर रहे थे। हालांकि किसी ने इस वीडियो की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। कैसे हुआ हादसा, विस्तार से पढ़िए… श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव पलटी
मथुरा के वृंदावन में 37 श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव (स्टीमर) यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 की डूबने से मौत हो गई। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी की दूरी पर है। रात 10 बजे तक आर्मी और NDRF रेस्क्यू में जुटी हैं। नाव को बाहर निकाल लिया गया है। लापता की तलाश चल रही है। किसी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी
जिस जगह हादसा हुआ, वहां करीब 25 फीट पानी है। शुरुआती जांच से पता चला है कि नाव की क्षमता 40 श्रद्धालुओं की थी। लेकिन किसी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। पांटून पुल की रिपेयरिंग कर रहे लोगों और नाविकों ने कुछ लोगों ने बचा लिया था। नाव पप्पू निषाद चला रहा था। उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। पप्पू को पुलिस ने 6 घंटे बाद हिरासत में ले लिया है। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी
नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40kmph स्पीड से चल रही थी। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा, पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई और नाव डूब गई। एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत
हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। श्रद्धालुओं ने क्या कहा… हादसे से पहले और डूबते के PHOTOS…



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