चित्तौड़गढ़ की जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने जिले के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को साफ करते हुए कहा है कि यहां टूरिज्म के क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और प्रशासन का मुख्य फोकस इसी दिशा में रहेगा। उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ अपनी ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थलों के कारण पहले से ही पहचान रखता है, लेकिन इसे और बेहतर तरीके से विकसित करने की जरूरत है। कलेक्टर ने कहा कि धार्मिक पर्यटन (रिलीजियस टूरिज्म) और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां आएं और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के पंच गौरव हैं, उन सभी पर जिले में गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि विकास संतुलित तरीके से आगे बढ़ सके। अधूरी अस्पताल बिल्डिंग को जल्द पूरा करने का लक्ष्य कलेक्टर डॉ. मंजू ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने निंबाहेड़ा के जिला हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां नई बन रही बिल्डिंग लंबे समय से अधूरी पड़ी है। इस वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस काम को दोबारा शुरू करवाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है और प्रशासन कोशिश करेगा कि इसे समय पर पूरा कराकर जल्द से जल्द जनता के लिए शुरू किया जाए। इसके अलावा जिले में महिलाओं और बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। खासतौर पर कुपोषण (माल न्यूट्रिशन) जैसी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनसे जुड़े आंकड़ों में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। शिक्षा में सुधार और युवाओं को मिलेगा सहयोग शिक्षा के क्षेत्र को लेकर कलेक्टर ने कहा कि जिले में कई फैक्ट्रियां और उद्योग हैं, जिससे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत भी काफी सहयोग मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अस्पतालों में जो भी कमियां हैं, उन्हें चिन्हित किया जाएगा और उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। खासतौर पर स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर रहेगा, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सहायता दी जाएगी। प्रशासन यह समझने की कोशिश करेगा कि युवाओं को किस तरह की मदद की जरूरत है और उसी अनुसार योजनाएं बनाई जाएंगी। पेयजल, टॉयलेट और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं पर होगा काम कलेक्टर डॉ. मंजू ने जिले में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर सरकारी संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग हो रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी है या वे खराब हालत में हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रशासन काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट की स्थिति जानने के लिए हाल ही में सर्वे कराया गया है। इसमें यह पता लगाया गया कि कितनी लाइटें सही काम कर रही हैं और कितनी खराब हैं। कलेक्टर ने कहा कि अब इन खराब लाइटों को मिशन मोड में ठीक कराया जाएगा, ताकि लोगों को रात के समय सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिल सके। जनसुनवाई में सामने आई सामाजिक जरूरतों पर रहेगा फोकस कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया है और जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याएं भी सुनी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग भी सामने आए हैं जिन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सख्त जरूरत है, जैसे पेंशन और पालनहार योजना। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि ऐसे जरूरतमंद लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। इसके अलावा जिले में ऐसे बच्चों की भी पहचान की जा रही है जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि हर बच्चा शिक्षा से जुड़ सके और उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। पहली पोस्टिंग में जिले को समझने पर जोर डॉ. मंजू ने कहा कि चित्तौड़गढ़ उनकी पहली पोस्टिंग है, इसलिए वह जिले को बेहतर तरीके से समझने के लिए लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी अलग समस्याएं होती हैं, जिन्हें समझना जरूरी है। प्रशासन का फोकस रहेगा कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाई जाएं और उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी विभागों के समन्वय से जिले में विकास कामों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और आमजन को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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