राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने फलोदी जिले की बाप नगर पालिका क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक मेघराजसर तालाब की पाल पर नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने के मामले को गंभीरता से लिया है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए फलोदी जिला कलेक्टर और नगर पालिका बाप के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सहित अन्य को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए इन विवादित पट्टों की जमीन पर किसी भी तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने पर रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि फलोदी के बाप कस्बे में स्थित मेघराजसर तालाब स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हाल के वर्षों में इस प्राचीन तालाब का सौंदर्यीकरण और संरक्षण किया जा रहा है, जिससे यह एक पर्यटन स्थल के रूप में भी उभर रहा है। इसी ऐतिहासिक धरोहर की पाल की जमीन पर अवैध पट्टे काटने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। वकील की दलील: अभियान खत्म होने पर आधी रात को चली फाइलें याचिकाकर्ता सीताराम की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि बाप नगरपालिका के तत्कालीन ईओ और अन्य कर्मचारियों ने मिलीभगत कर मेघराजसर तालाब की पाल की भूमि पर अनाधिकृत रूप से पट्टे जारी कर दिए। वकील ने कोर्ट का ध्यान इस तथ्य की ओर दिलाया कि तत्कालीन ईओ को 21 जनवरी को पदस्थापन की प्रतीक्षा में (A.P.O.) कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने उसी रात दो बजे तक ऑर्डर शीटें (Proceedings) चलाईं और नियमों का उल्लंघन करते हुए पट्टे जारी किए। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि ये पट्टे ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान के नाम पर बहुत ही नाममात्र के शुल्क पर दिए गए, जबकि वह अभियान पूर्व में ही पूर्ण हो चुका था। इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भू-रिकॉर्ड शाखा का अनाधिकृत रूप से प्रभार सौंपा गया था, जो प्रथम दृष्टया ही त्रुटिपूर्ण है। कोर्ट की चेतावनी: तथ्य गलत हुए तो लगेगा भारी जुर्माना सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनका यह कथन- कि पट्टे मेघराजसर तालाब की पाल (डाइक) पर जारी किए गए हैं, सत्यापित नहीं हुआ, तो याचिकाकर्ता पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस पर वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि उनकी यह चिंता पूरी तरह से सुप्रमाणित है। आठ सप्ताह में मांगा जवाब मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी संख्या 1 से 3 (राज्य सरकार व अन्य) की ओर से सरकारी वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिए। वहीं, कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या 4 से 7 (फलोदी कलेक्टर और बाप नगर पालिका ईओ सहित) को 8 सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
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