हनुमानगढ़ जिले और नोहर तहसील के थालड़का और टोपरिया गांवों के आसपास शनिवार को एक बार फिर घने बादल छा गए। सुबह 5 बजे से ही आसमान में बादलों की मौजूदगी से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें अपनी कटी और खड़ी फसलों के नुकसान का डर सता रहा है। किसान रोहिताश ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण सरसों की कटी हुई फसलें खेतों में पड़ी हैं। वहीं गेहूं की अधिकांश फसलें पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि यदि अब कोई प्राकृतिक आपदा आती है, तो फसलों को भारी नुकसान होगा और उनके खराब होने की आशंका अधिक है। कुछ किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। हालांकि यदि बारिश होती है, तो यह कटी हुई और खड़ी दोनों तरह की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर संभाग के जिलों श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में इन दिनों आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा प्रभावी नहीं है, इसलिए पूरे राज्य में भारी बारिश या तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
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