मोतिहारी में पैक्स राइस मिल से जुड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) निशांत सिहारा को बासमनपुर पैक्स अध्यक्ष द्वारा कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिली थी। आरोप है कि किसानों से धान खरीदने के बजाय बाजार से चावल खरीदकर सरकारी एजेंसी को आपूर्ति की जा रही थी। सूचना के आधार पर एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी अब्दुल क़यूम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस टीम ने बासमनपुर पैक्स राइस मिल पर छापेमारी की। संदिग्ध सामग्रियों के सैंपल जब्त किए
छापेमारी से पहले ही एक संदिग्ध ट्रक गोदाम से हटा लिया गया था। हालांकि, टीम ने गोदाम से चावल के बोरे सहित अन्य संदिग्ध सामग्रियों के सैंपल जब्त किए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पैक्स अध्यक्ष मनीष यादव खुले बाजार से चावल खरीदकर उसे बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन (BSFC) के बोरे में पैक कर आपूर्ति करते थे। यह सरकारी नियमों का सीधा उल्लंघन है, क्योंकि पैक्स का मुख्य उद्देश्य किसानों से धान खरीदकर उसे सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराना होता है। सिस्टम के कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल
इस अनियमितता के लंबे समय से चलने पर सवाल उठ रहे हैं। आशंका है कि इस गड़बड़ी में केवल पैक्स अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि सिस्टम के कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। प्रशासन ने इस पहलू से भी जांच शुरू कर दी है। एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
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