कूनो की चीता गामिनी ने चार शावकों को दिया जन्म:केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने शेयर की पोस्ट, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 57 हुई




श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण परियोजना को बड़ी सफलता मिली है। लगभग 25 माह की भारतीय मूल की मादा चीता ‘गामिनी’ ने शनिवार को जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। यह भारत में चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। 2022 में कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब किसी चीता ने प्राकृतिक जंगल वातावरण में शावकों को जन्म दिया है। पिछले एक साल से खुले जंगल में रह रही था गामिनी खास बात यह भी है कि यह किसी भारतीय मूल की मादा चीता ती पहली सफल प्रसूति है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह मादा चीता पिछले एक साल से अधिक समय से खुले जंगल में रह रही थी और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप ढल चुकी थी। वन विभाग के मुताबिक, जंगल में शावकों का जन्म होना इस बात का संकेत है कि कूनो का पर्यावरण अब चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। सीसीएफ बोले-परियोजना के मुख्य उद्देश्य की दिशा में कदम मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह सफलता परियोजना के मुख्य उद्देश्य की दिशा में बड़ा कदम है, जिसमें चीतों को प्राकृतिक परिस्थितियों में स्थापित करना और उनका प्रजनन सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि मां बनी चीता गामिनी की शावक है। मंत्री भूपेंद्र यादव ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने वन विभाग की टीम और सभी संबंधित कर्मचारियों को बधाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता कूनो में कार्यरत वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ के अथक प्रयासों का परिणाम है। यह घटना न केवल भारत में चीतों की वापसी को मजबूती देती है, बल्कि भविष्य में उनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद भी जगाती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *