लुधियाना में एंट्री करते ही ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक महिला ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रुचि शर्मा नाम की एक यूजर ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों ने ओवरस्पीड का झूठा डर दिखाकर उनसे और
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हमारी गाड़ी तो 100 की स्पीड पकड़ ही नहीं सकती
रुचि शर्मा ने करीब 1 मिनट 37 सेकंड के वीडियो में अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जैसे ही उन्होंने लुधियाना में प्रवेश किया, पुलिस ने उनकी वैगनआर गाड़ी को रुकवा लिया। महिला ने कहा हमारी गाड़ी 100 की स्पीड पर जा ही नहीं सकती। अगर हम कोशिश भी करें तो गाड़ी वाइब्रेट और बबलिंग करने लगती है। हमारी स्पीड हमेशा 70 से 80 के बीच रहती है लेकिन पुलिस ने हमें रोककर कहा कि आपकी गाड़ी ओवरस्पीड है।
चेहरे ढके हुए थे, ऑनलाइन चालान के नाम पर डराया
महिला ने पुलिस कर्मियों की पहचान और उनके व्यवहार पर भी संदेह जताया है। वीडियो में आरोप लगाया गया कि पहचान छिपाई नाके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने अपने चेहरे पूरी तरह ढक रखे थे। पुलिस वालों ने कथित तौर पर कहा अगर अभी कैश दोगे तो ₹1000 लगेंगे वरना ऑनलाइन चालान काटेंगे तो ₹3000 भरने पड़ेंगे।जब महिला के पति और ससुर बात करने की कोशिश कर रहे थे तो पुलिस कर्मी बार-बार जल्दी करो-जल्दी करो कहकर ऑनलाइन चालान की धमकी दे रहे थे। अंत में मामला रफा-दफा करने के लिए ₹1000 ले लिए गए।
वीडियो में पुलिस करीमियों के चेहरे ढके हुए
वसूली का नया तरीका या ट्रैफिक नियमों की सख्ती
रुचि शर्मा ने इस पूरी घटना को ट्रैप (जाल) करार दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी काफी दूर से ही हाथ देकर गाड़ियों को साइड लगवा रहे थे और कई अन्य लोगों के साथ भी यही व्यवहार किया जा रहा था। महिला ने सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस प्रमाण के और धमकाकर पैसे लेना सरासर गलत है।
अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
वीडियो के अंत में महिला ने लुधियाना पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि इस मामले पर संज्ञान लिया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को इस तरह बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।