खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से कोफार्मिन फेडरेशन (कोफेड) के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इस मौके पर गोदारा ने बीकानेर जिले के लूणकरणसर उपखंड के सहजरासर गांव में चल रही जैविक कृषि एवं पशुपालन परियोजना अच्छी पहल बताया। यह परियोजना कोफार्मिन फेडरेशन (कोफेड) द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य सहजसर को 100 प्रतिशत जैविक ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है। कोफेड की ओर से कोटपूतली के बामनवास कांकर ग्राम पंचायत को पूर्णतः जैविक मॉडल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है। कोफेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र सेवावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर परियोजना के बारे में बताया। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से इस परियोजना में मुख्य पर्यवेक्षक के रूप में मार्गदर्शन देने का अनुरोध भी किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि सहजसर परियोजना का फोकस रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन को मजबूत करना है, जिससे किसानों की आय और स्थिरता में वृद्धि हो सके। परियोजना की सराहना करते हुए गोदारा ने कहा कि ऐसी पहल से किसानों और पशुपालकों को बड़ा लाभ मिलेगा और यह पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देगी। भविष्य जैविक खेती का है और अधिक से अधिक किसानों को इससे जुड़ना चाहिए। जितेन्द्र सेवावत ने कहा कि हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर और रसायन मुक्त ग्रामीण इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक बनें। बामनवास कांकर की सफलता ने हमारा विश्वास बढ़ाया है और अब सहजसर के माध्यम से हम पश्चिमी राजस्थान में जैविक परिवर्तन का एक नया मानक स्थापित करना चाहते हैं, जिससे किसानों की आय और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके। प्रतिनिधिमंडल में महेश कुमार गुप्ता, भिराजराम जाखड़, ताराचंद सिल्ला और इमराताराम शर्मा शामिल थे।
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