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बीएचयू में आयुर्वेद संकाय के बालरोग विभाग के प्रोफेसर बृजमोहन सिंह के साथ साइबर ठगी हो गई। उनके मोबाइल फोन पर अज्ञात फोन नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को उनका मौसरा बहनोई सुभाष सिंह बताया। मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए 35 हजार रुपये का भुगतान करने के लिए बोला। कहा कि उसके फोन से पेमेंट नहीं हो पा रहा है। इस कारण अपने नंबर से भुगतान करने के लिए कहा। कहा कि वह उनके खाते में रुपये भेज देगा। प्रोफेसर को 35 हजार रुपये खाते में आने का फर्जी मैसेज मिला। इसके बाद वापस करने के नाम पर झांसे में आकर 30 हजार रुपये भेज दिए। बाद में खाता चेक करने पर ठगी का पता चला। अब जानिए प्रोफेसर ने क्या बताया मेरे पास 12.16 बजे एक फोन आया काल करने वाले ने अपने आप को मेरे मोसेरे बहनोई सुभाष सिंह के नाम से प्रस्तुत किया। काल करने वाले ने मुझे बताया कि मेरे को मेडिकल स्टोर को तत्काल पैसे देना है और चूंकि मेरा मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त है। इसलिए आप मुझे भुगतान कर दीजिए । उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यक्ति जिसका नाम राजेश है, मेरे गूगल पे खाते में पैसे ट्रासफर करेगा। जिसके बाद मुझे वहीं राशि मेडिकल स्टोर में ट्रासफर करनी थी। उन्होंने आगे कहा कि राजेश नामक एक व्यक्ति मेरे गूगल पे खाते में पैसे ट्रांसफर करेगा, जिसके बाद मुझे वहीं राशि मेडिकल स्टोर में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा जब कुछ समय बाद मैने तुरंत अपने मोसेरे बहनोई सुभाष सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने स्पष्ट रूप से इस तरह के किसी भी अनुरोध से इनकार कर दिया एवं किसी को भी पैसे या चिकित्सा भुगतान के लिए मुझसे संपर्क करने की बात से इन्कार कर दिया। तब यह स्पष्ट हो गया कि फोन करने वाले ने मेरे रिश्तेदार का गलत फायदा उठाया और जानबूझकर मुझे धोखा दिया था,मुझे गलत तरीके से वित्तीय नुकसान हुआ। इस घटना के तुरंत बाद मैंने साइबर अपराध संख्या 1930 पर रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी लंका थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त कर FIR दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम को भी एक्टिव किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जा रहा है लेकिन लोग फिर भी जालसाजो के जाल में फंस जा रहे हैं।
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